डीएमके की ओर से यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने और सपा प्रमुख मुलायम सिंह के आए दिन बदलते सियासी तेवरों के बाद अब यूपीए सरकार अपना चुनावी एजेंडा आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।
दरअसल, कांग्रेस ने संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग में महिला आरक्षण बिल समेत कई बड़े विधेयक लाकर आम आदमी के सामने इमेज सुधारने की कोशिश की है।
महिला आरक्षण बिल के अलावा लोकपाल, खाद्य सुरक्षा विधेयक और भूमि अधिग्रहण कानून जैसे कई बड़े फैसले लेने का ऐलान कर कांग्रेस चुनावी मूड में आ गई है। पार्टी ने हालांकि कहा है कि चुनाव 2014 में समय पर ही होगे। मगर साथ ही यह भी कह डाला है कि कांग्रेस कभी भी चुनाव के लिए तैयार है।
सरकार ने जैसे तैसे बजट सत्र का पहला हिस्सा तो निकाल लिया है, लेकिन दूसरे हिस्से में बिना डीएमके के समर्थन के आगे बढ़ना उसके लिए इतना आसान नहीं होगा। सोमवार को कांग्रेस ने औपचारिक तौर पर ऐलान किया कि सरकार बजट सत्र के अगले हिस्से में महिला आरक्षण बिल लाने को लेकर प्रतिबद्ध है। साथ ही पार्टी ने कार्य स्थलों में महिलाओं के साथ यौन शोषण के अपराधों पर रोकथाम जैसे विधेयक को लाने का भी ऐलान किया।
इसके अलावा हर शख्स को भोजन देने के लिए खाद्य सुरक्षा विधेयक की बात कही है तो भूमि अधिग्रहण कानून को अमलीजामा पहनाकर किसानों के साथ न्याय करने का दावा ठोका है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम आदमी के लिए काम करती है। इसलिए वह भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए लोकपाल और विसल ब्लोअर को सुरक्षा देने संबंधी बिल लाने जा रही है। अल्वी ने कहा कि कांग्रेस को उम्मीद है कि इन बिलों को पारित कराने में सहयोगी और विपक्षी दल उनका साथ देंगे।