विश्व बैंक ने उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के साथ हुए करार में हर काम को पूरा करने के बाद सालाना 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का वादा किया है। पहली बार विश्व बैंक ने किसी राज्य के साथ तय मानकों पर काम पूरे करने के लिए यह शर्त रखी है। इसमें पांच साल के दौरान विभाग को 250 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि अपने हिसाब से योजना बनाकर खर्च की जा सकेगी।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का खाका बदलने के लिए विश्व बैंक ने कुल 170 मिलियन डॉलर की मदद देने की योजना पर करार किया था। यह राशि भारतीय मुद्रा में करीब 763 करोड़ रुपये है। इस परियोजना से स्वास्थ्य विभाग में सुधार के लिए कई नए प्रयोग किए जाएंगे। पांच साल की इस योजना में विश्व बैंक ने कुल 538 करोड़ रुपये की योजना पर सहमति व्यक्त की है। इसमें विश्व बैंक 457 करोड़ रुपये देगा जबकि राज्यांश के तौर पर प्रदेश सरकार को 81 करोड़ रुपये देने होंगे। यह सारी राशि 40 साल के लिए बतौर ऋण एक से दो प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगी। इसमें एक साल तक कोई पैसा वापस नहीं करना पड़ेगा। बाकी रकम करीब 250 करोड़ रुपये विश्व बैंक प्रोत्साहन राशि के रूप में देगा। यह राशि स्वास्थ्य विभाग को पहले दी गई राशि से मानकों के अनुरूप काम पूरा करने के बाद मिलेगी।
इसके पहले चरण में दवाओं के कम्प्यूटरीकृत वितरण, अस्पतालों में क्वालिटी कंट्रोल और बजट एवं प्लानिंग में सुधार करना है। इस सुधार को मानकों के हिसाब से पूरा करना होगा, तभी यह प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी। इस पूरी योजना के क्रियान्वयन का जिम्मा उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेन्थनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) को दिया गया है। यूपीएचएसएसपी के संयुक्त निदेशक डॉ. जीपी शाही बताते हैं कि यह प्रोत्साहन राशि विश्व बैंक डिपरमेंट लिंक इन्वेस्टमेंट की तरह से देगा। यूपीएचएसएसपी इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा और मानकों को पूरा करने में मदद करेगा।
प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी रकम
विश्व बैंक ने यह भी शर्त रखी है कि वह सारा पैसा प्रतिपूर्ति के रूप में ही देगा। इसमें कुल 538 करोड़ रुपये में एडवांस के तौर पर केवल 50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, यूपी को इसमें पंद्रह फीसदी अपने हिस्से के तौर पर 32 करोड़ देने होंगे। इसके बाद आगे का सारा बजट प्रतिपूर्ति करके ही वापस किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग को अपना पूरा पैसा पहले खर्च करना होगा। इसके बाद बिल और वाउचर विश्व बैंक को भेजने होंगे। बैंक इसकी प्रतिपूर्ति करके वापस करेगा।