क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत उत्तर प्रदेश में थानों के कंप्यूटरीकरण के बाद अब अगले चरण में पुलिस को 4-जी सिस्टम से लैस किया जाएगा। शासन स्तर से पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रयास जारी हैं।
अभी तक 2-जी सिस्टम से काम चला रही पुलिस के हाईटेक 4-जी ब्राडबैंड सिस्टम से लैस हो जाने के बाद शासन-प्रशासन को घटनाओं की त्वरित जानकारी मिल सकेगी और समय रहते उनसे निपटने के उपाय संभव हो सकेंगे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 4-जी ब्राडबैंड वायरलेस सेवा के लिए प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को साफ्टवेयर सिस्टम उपलब्ध कराए जाएंगे। फतेहपुर के पुलिस अधिक्षक राजेंद्र सिंह के निर्देशानुसार उसे पु़लिस वाहन में फिट कर दिया जाएगा। वह गाड़ी लगातार जिले में घूमती रहेगी। इस सेटेलाइट सेवा से लैस होने के बाद किसी भी थानाक्षेत्र के धरना-प्रदर्शन, झगड़ा-फसाद की जानकारी पुलिस को तुरंत हो सकेगी। इसके माध्यम से जिले के आला अधिकारियों के साथ ही कमिश्नर, आईजी तक को लाइव सूचना मिलती रहेगी।
इस तरह देश के अब तक के सबसे अपडेट 4-जी ब्राडबैंड सिस्टम से जुड़ जाने के बाद पुलिस प्रशासन को अपराध नियंत्रण में कामयाबी मिल सकती है। नाम न छापने की शर्त पर बीएसएनएल के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि पुलिस को अत्याधुनिक संसाधन से लैस करने के लिए इस समय देश के डेढ़ सौ इंजीनियर लंदन में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जल्द ही जिलों में 4-जी ब्राडबैंड सिस्टम के लिए टावर लगाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) अरुण कुमार पुलिस के आधुनिकीकरण की तैयारी बीते दो साल से हो रही है। इसमें पहले चरण में सभी जिलों को सीसीटीएनएस से जोड़ने की तैयारी हो रही है। इसमें पहले सभी थानों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसी के अगले चरण में 4 जी सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसके लिए मोबाइल कंपनियों से ज्यादा बैंडविथ ली जाएगी। इस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कई बैठकें हो चुकी हैं। अब इस पर जमीनी स्तर पर काम हो रहा है।