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यूपी पुलिस ने अपने ही बारे में किया चौंकाने वाला खुलासा

Sun, 25 Aug 2013 07:54 AM IST
पीयूष पांडेय
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उत्तर प्रदेश पुलिस के बारे में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसके समस्त पुलिसकर्मियों को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। इस हकीकत का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि खुद राज्य पुलिस के तकनीकी सेवा विभाग ने किया है।
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इस सच्चाई को सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में विभाग ने जाहिर किया है। यही नहीं विभाग ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया है कि पुलिस मुख्यालय का अंग्रेजी भाषा से कोई लेना-देना नहीं है।

यूपी पुलिस तकनीकी सेवा ने साइबर क्राइम से संबंधित अधिवक्ता गौरव अग्रवाल की आरटीआई के जवाब में राज्य पुलिस के कर्मचारियों को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं होने का स्पष्टीकरण दिया है।
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हाल ही में राज्य पुलिस मुख्यालय ने एक आरटीआई के जवाब में कहा था कि गत पांच वर्षों से प्रदेश सरकार राज्य पुलिस की साइबर थाने की स्थापना की सिफारिशों को नजरअंदाज कर रही है।

प्रदेश में एक भी ऐसा थाना नहीं है जो इंटरनेट के जरिए होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने का काम कर सके। तकनीकी विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश सरकार की ओर से अब तक राज्य में साइबर थाने स्थापित किए जाने की मंजूरी क्यों नहीं दी गई है।

आरटीआई में पूछा गया था कि क्या राज्य पुलिस के समस्त कर्मियों को अंग्रेजी व कंप्यूटर का ज्ञान है? इसका जवाब तकनीकी सेवा विभाग, लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह ने कुछ यूं दिया कि अंग्रेजी भाषा का संबंध इस मुख्यालय से नहीं है।

जहां तक कंप्यूटर के ज्ञान का संबंध है तो राज्य के समस्त पुलिस कर्मियों को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। साइबर क्राइम की सूचनाएं एकत्र किए जाने के सवाल के जवाब में विभाग ने कहा है कि इससे संबंधित सूचनाओं का रख-रखाव इस मुख्यालय में नहीं किया जाता।

आरटीआई कार्यकर्ता की मानें तो राज्य पुलिस स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

गौरतलब है कि यूपी पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद ने हाल ही में एक जवाब में कहा था कि पूरे प्रदेश में सिर्फ लखनऊ और आगरा में दो साइबर इकाइयां हैं।

आठ जोनल मुख्यालयों के जनपदों में साइबर थाने की स्थापना के लिए शासन से पत्राचार हुआ है, लेकिन अब तक इस संबंध में शासन से स्वीकृति नहीं मिली है, जबकि इंटरनेट के जरिए चोरी, साइबर प्रोनोलॉजी, वायरस अटैक, ट्रोजन अटैक, अनऑथोराइज्ड एसेस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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