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यूपी: मंत्री ने सबके सामने छात्रा से कही शर्मनाक बात

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यूपी में बांदा के एक स्कूल में निरीक्षण के दौरान प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री इस कदर आपा खो बैठे कि छात्राओं की मार्यादा को तार तार कर दिया। छात्राओं की क्लास लेते हुए 9वीं कक्षा की एक छात्रा को सही जवाब नहीं देने पर डपट कर मंत्री ने उसे भद्दी गाली दे दी। मंत्री के मुंह से आपत्तिजनक शब्द सुनकर पूरा स्कूल स्टाफ और बच्चे सन्न रह गए।
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शुक्रवार को प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल निरीक्षण पर आए थे। लाव-लश्कर के साथ उन्होंने मुख्यालय के राजकीय इंटर कालेज (जीआईसी) और राजकीय बालिका इंटर कालेज (जीजीआईसी) का निरीक्षण किया। जीजीआईसी में 9वीं की कक्षा में मंत्री ने खुद क्लास संभाल ली। छात्राओं से सवाल पर सवाल पूछे। इसी बीच मंत्री ने सवाल किया- ‘मूल अधिकार कोई बताएगा ?’

इस पर एक छात्रा ने जबाब देने की अनुमति मांगी और सवाल का जवाब दिया। छात्रा ने मंत्री के पूछे सवाल पर दो जवाब दिए। दोनों ही जवाब सही नहीं थे। इस पर मंत्री जी भड़क गए और छात्रा को अपशब्द (भद्दी गाली) कहते हुए बैठने को कहा। छात्रा शर्मसार होकर चुपचाप बैठ गई। किंतु मंत्री के इस व्यवहार पर माहौल में सन्नाटा छा गया।
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मंत्री का गुस्सा यहीं नहीं थमा। प्रधानाचार्य शशिकला सिंह को सामने बुलाया और छात्राओं को कुछ नहीं आने पर सवाल जवाब किया। प्रधानाचार्य ने सफाई दी कि हम इन छात्राओं को बेसिक बातें रोजाना बताते हैं। नोटिस बोर्ड पर भी लिखते हैं। फिर भी बच्चे इसे नहीं सीख पा रहे हैं।

इस पर मंत्री बिफर पड़े और बोले- ‘तुम माथे पर चिपका लो इसे। बच्चों को जब कुछ नहीं आ रहा तो क्या फायदा’। निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री के साथ सपा राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद निषाद, डीआईओएस एनडी वर्मा, एसडीएम प्रहलाद सिंह, पुलिस उपाधीक्षक विनोद सिंह भी थे।
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मंत्री और छात्रा के बीच हुआ संवाद

मंत्री- मूल अधिकार कोई बताएगा ?
छात्रा- मुझे जो आता है बताऊं’?
मंत्री- हां, बताओ।
छात्रा- अपनी बात अच्छी तरह से कहने की स्वतंत्रता। हमें कहीं भी आने-जाने की स्वतंत्रता।
मंत्री-बस, एक ही जवाब आता है। (इसी बीच छात्रा कुछ और कहना चाहती थी तभी)
मंत्री- (छात्रा को हड़काते हुए)- ‘यह तो स्वतंत्रता का अधिकार है। तुम दुनिया की (.........) न करो। ...बैठ। (यहां मंत्री जी ने ऐसा शब्द बोला जो हम छाप नहीं सकते। छात्रा शर्मिंदा होकर बैठ गई।
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