उत्तर प्रदेश आईएएस अधिकारियों के तबादले और निलंबन के मामले में ही नहीं बल्कि अवैध गिरफ्तारियों के मामले में भी सबसे आगे है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) कि एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा अवैध गिरफ्तारियां हुई हैं। देश में हुईं कुल अवैध गिरफ्तारियों में से 80 प्रतिशत गिरफ्तारियां यूपी से ही हैं।
पिछले तीन सालों अप्रैल 2010 से जुलाई 2013 के बीच आयोग ने पूरे देश में 3,950 अवैध गिरफ्तारियों के मामले रिकॉर्ड किए जिनमें अकेले यूपी के 3,397 मामले थे। इसके अलावा बाकी 27 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में केवल 553 मामले सामने आए हैं।
अवैध गिरफ्तारियों में देश की राजधानी दिल्ली भी पीछे नहीं है। दिल्ली का यूपी के बाद दूसरा नंबर है।
एनएचआरसी ने अप्रैल 2012 से मार्च 2013 के बीच 703 अवैध गरिफ्तारियों के मामले रिकॉर्ड किए है। इनमें से 589 गिरफ्तारियां यूपी पुलिस ने की हैं। अगर सिर्फ साल 2013 की बात करें तो कुल 192 अवैध गिरफ्तारियों में से यूपी में 161 गिरफ्तारियां हुई हैं।
दिल्ली और उत्तराखंड भी यूपी को टक्कर दे रहे हैं। वह यूपी से केवल 14 मामले पीछे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन राज्यों के बाद कर्नाटक में 12 और आंध्र प्रदेश में 10 अवैध गिरफ्तारियों के मामले पाए गए हैं। ये राज्य ही अवैध गिरफ्तारियों के मामले दो अंकों का आंकड़ा छू रहे हैं।
साल 2011 यूपी के लिए और खराब रहा है। इस दौरान एनएचआरसी को मिले देशभर के 1,249 अवैध गिरफ्तारियों के आंकड़ों में केवल यूपी मे 1,101 गिरफ्तारियां अवैध मिलीं। इसके बाद दिल्ली 38 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।
इससे पहले साल 2010 में कुल रिकॉर्ड 1,716 मामलों के आंकड़ों में 1,546 केवल यूपी के हैं। इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। अवैध गिरफ्तारियों के संबंध में लोग अब भी मानवाधिकार आयोग से संपर्क कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि हरियाणा में भी अवैध गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ सकती है।