अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने सूचना के बिंदु अत्यंत विस्तृत बताकर कमीशन ऑफ इंक्वायरी एक्ट के तहत गठित जांच आयोगों का ब्यौरा देने इनकार कर दिया है।
राज्य सरकार के गृह विभाग ने सूचना का अधिकार कानून के तहत दायर अर्जी को निरस्त करने का यह अजीब कारण बताया है।
आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने आजादी के बाद से अब तक गठित जांच आयोगों का विस्तृत विवरण मांगा था। इसमें राज्य सरकार की ओर से गठित किए गए आयोगों, उनके अध्यक्ष, सदस्य, गठन की तारीख, आयोग का कार्यकाल बढ़ाए जाने, अंतरिम और अंतिम रिपोर्ट का ब्यौरा मांगा गया था।