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माया के वोटों में सेंधमारी के लिए शाह ने बनाया 'मास्टर प्लान'

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण दलित वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए भाजपा पासी और भर समाज के प्रमुख प्रतीक माने जाने वाले राजा सुहेल देव की विरासत पर धावा बोलेगी। पार्टी की रणनीति दलितों में गैरजाटव वोटों पर है।
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पार्टी ने इस क्रम में राजा सुहेल की स्मृति में ताबड़तोड़ कार्यक्रमों का आयोजन और घोषणाओं के सहारे पासी और भर बिरादरी को साधने की रणनीति बनाई है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 24 फरवरी को बहराइच में राजा सुहैल की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके साथ ही इस राजा के नाम पर पार्टी के ओर से पूरे राज्य में कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।

गौरतलब है कि बसपा ने सूबे में सरकार बनने पर कई जिलों में राजा सुहेल की कई प्रतिमाओं की स्थापना की थी। राज्य की 20 फीसदी दलित आबादी में जाटव बिरादरी की भागीदारी 65 फीसदी है।
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बहराइच में कार्यक्रम, अमित शाह करेंगे शिरकत

बसपा प्रमुख मायावती की यह स्वजातीय बिरादरी अरसे से बसपा के साथ है। भाजपा की निगाहें बाकी बची 35 फीसदी  गैरजाटव दलित बिरादरी पर है। इसमें पासी और भर बिरादरी की आबादी 16 फीसदी है।

उत्तर प्रदेश चुनाव की रणनीति बनाने वाली टीम से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक पार्टी लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाना चाहती है।

इस क्रम में पार्टी की निगाहें जाटव वोटों के इतर अन्य दलित जातियों पर है। इस क्रम में राजा सुहेल की विरासत पार्टी के काम आ सकती है।

यही कारण है कि इस राजा के नाम पर कई तरह के आयोजन की रणनीति बनाई गई है। उक्त सदस्य का कहना था कि लोकसभा चुनाव में दलितों में शामिल गैरजाटव जातियों का पार्टी को अच्छा समर्थन मिला था।

इन्हें विधानसभा चुनाव में जोड़े रखने की जरूरत है। इसके लिए अन्य उपाय अपनाने के अलावा राजा सुहेल की विरासत हासिल कर भर और पासी जातियों को लुभाने की रणनीति बनाई गई है।
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दलित वोटों में सेंध लगाने की जुगत में लगी भाजपा


दलित वोटों में सेंध लगाने की जुगत में लगी भाजपा दलित के प्रतीक रहे राजा सुहेल को हिंदूवादी प्रतीक का रूप देगी। अरसे से इस दिशा में प्रयास कर रही भाजपा को राजा सुहेल से जुड़ा इतिहास रास भी आता है।

दरअसल कहा जाता है कि 11वीं सदी में जब महमूद गजनवी की मौत के बाद उसके रिश्तेदार सैय्यद सालार महमूद लाखों सैनिकों के साथ धावा बोला था।

चौतरफा जीत हासिल करती जा रही इस सेना को न केवल राजा सुहेल ने बहराइच के नजदीक रोका, बल्कि छोटी सेना के सहारे से सालार महमूद को पराजित कर दिया।

पार्टी की रणनीति दलित वोट बैंक में गैरजाटव वोटों पर लोकसभा चुनाव की तरह कब्जा करने की है।
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