अमेरिका ने कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है।
अमेरिका ने कहा है कि वह आतंकवाद के हर स्वरूप को हराने के लिए भारत के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है। हालांकि कश्मीर पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह चाहता है दोनों देश आपस में मिलकर मुद्दे को हल करने का प्रयास करें।
शुक्रवार शाम को अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि वह इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। इसमें निर्दोष नागरिक, सैन्य और पुलिसकर्मियों की जान गई है। मारे गए परिवार के लोगों के साथ भी उसकी गहरी सहानुभूति है।
कश्मीर घाटी में शुक्रवार को चार आतंकी हमलों में लेफ्टिनेंट कर्नल सहित 11 सुरक्षाकर्मी और दो नागरिक मारे गए थे। विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा कि अमेरिका कश्मीर में किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ है।
कश्मीर पर अमेरिकी नीति में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। वह चाहता है कि भारत और पाकिस्तान आपस में मिलकर शांति वार्ता को विस्तार दें और कश्मीर मसले को हल करें।
पाक से जारी हैं आतंकी गतिविधियां: अमेरिकी सांसद
अमेरिका की एक वरिष्ठ सांसद ने कहा है कि पाकिस्तान लगातार अपनी भूमि से आतंकवादी गतिविधियों को संचालित करने दे रहा है। इस पर ओबामा प्रशासन को ईमानदारी से पाकिस्तानी नेतृत्व से बात करनी चाहिए। ऐसा करना अफगानिस्तान की स्थिरता के लिए भी जरूरी है।
अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य एवं सदन की विदेश मामलों की मध्य एशिया और अफ्रीका की सब कमेटी की अध्यक्ष इलेना रोस लेहनेन का समर्थन करते हुए कई अन्य अमेरिका सांसदों ने भी कहा है कि अमेरिका सचेत नहीं हुआ तो अमेरिकी हितों को नुकसान हो सकता है।