कांग्रेस की ‘गेम चेंजर’ कैश सब्सिडी योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस योजना के ऐलान से खफा चुनाव आयोग ने केंद्र से जवाब मांगा है। इसके लिए आयोग ने सोमवार शाम तक का वक्त दिया है। साथ ही आयोग ने कहा है कि अगर सरकार जवाब देने में विफल रहती है तो वह इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।
चुनाव आयोग को इस योजना से आपत्ति नहीं है, लेकिन वह इसकी घोषणा के समय से खफा है। गुजरात में इसी महीने विधानसभा चुनाव होने हैं और वहां चुनाव आचार संहिता लागू है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा कैश सब्सिडी योजना की घोषणा ने आयोग को नाराज कर दिया है।
वैसे आयोग ने इस मामले को स्वत: संज्ञान में नहीं लिया है, बल्कि भाजपा की ओर से इस सप्ताह के आरंभ में शिकायत किए जाने के बाद उसने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र से तत्काल जवाब देने को कहा है। आयोग ने रविवार को कैबिनेट सचिव अजीत सेठ को कड़ा पत्र लिखा।
आयोग ने सेठ से सोमवार शाम तक इस मामले की पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि गुजरात चुनाव के मद्देनजर इस योजना की घोषणा को टाला जा सकता था। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कैबिनेट सचिव से जवाब-तलब किए जाने की पुष्टि की। अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार ऐसा करने में असफल रहती है तो आयोग इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा।
इस योजना की घोषणा नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने की थी। योजना को पहली जनवरी से देश के 51 जिलों में लागू किया जाना है। इन 51 जिलों में चार गुजरात के हैं, जबकि वहां इस महीने की 13 और 17 तारीख को मतदान होने हैं।
सरकार की इस घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गुजरात भाजपा ने बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग से चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की थी। इसके एक दिन बाद शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में पार्टी के एक दल ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी।