उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले में दो बहनों से बलात्कार और फिर उनकी हत्या की घटना की संयुक्त राष्ट्र संघ ने तीखे स्वर में निंदा की है और इसे एक 'भयानक घटना' कहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने ज़ोर देकर कहा है कि क़ानून के भीतर देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए।
भारत में संयुक्त राष्ट्र संघ के रेजीडेंट कोऑर्डिनेटर लीज़ ग्रांड ने कहा, ''दोनों किशोरियों के परिजनों को और निचली जातियों की उन सभी महिलाओं और लड़कियों को न्याय मिलना चाहिए जो ग्रामीण भारत में प्रताड़ना और बलात्कार की शिकार हुई हैं। महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं है, यह मानवाधिकार का मामला है।''
उन्होंने कहा, ''दिल्ली में दिसम्बर 2013 में एक युवती के सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद कई प्रगतिशील सुधार और बदलाव हुए और जस्टिस वर्मा कमेटी की ऐतिहासिक रिपोर्ट आई, लेकिन क़ानून बनाना समस्या के समाधान का केवल एक हिस्सा है। इसका लागू होना भी उतना ही महत्व रखता है जितना कि सोच में बदलाव।''