लगता है जल संसाधन मंत्री उमा भारती इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘भक्ति’ में कुछ ज्यादा ही लीन हैं। तभी तो उन्होंने मोदी को एक ऐसा मसीहा बताया है जिनका भारतीयों को हजारों सालों से इंतजार था।
उस मसीहा के पास सभी समस्याओं का समाधान है। उन्होंने कहा कि पिछले 29 सालों में गंगा की सफाई पर पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
आज अगर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस बारे में पूछा जाय तो वह कहेंगे ‘मैनू की पता’ यानी मुझे क्या पता। लेकिन पहली बार देश को एक ऐसा पीएम मिला है जो कहता है ‘मैनू सब पता है’ यानी मुझे सब पता है। वह देश की सभी समस्याओं के बारे में हर किसी से यही कहते हैं।