शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे अपने पिता स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे का पावर तो ले लिया है, लेकिन उनके शिवसेना प्रमुख (सुप्रीमो) का पद ग्रहण नहीं किया है। उद्धव ने कहा है कि बाला साहब को इस पद से हटाया नहीं जा सकता है।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में रविवार को प्रकाशित साक्षात्कार में उद्धव ने कहा है कि अब कोई दूसरा शिवसेना प्रमुख नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाला साहब हमेशा शिवसेना ‘प्रमुख’ और ‘हिंदू हृदय सम्राट’ बने रहेंगे। गौरतलब है कि बाला साहब का 17 नवंबर को निधन हो गया था।
यद्यपि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना प्रमुख का पद ग्रहण करने से इनकार कर दिया है, लेकिन पार्टी ने उन्हें नीति निर्धारण के वे सारे अधिकार दे दिए हैं, जो बाला साहब के पास थे। पार्टी प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बताया कि शनिवार को पार्टी नेताओं की बैठक में उद्धव ठाकरे को सारे अधिकार देने का फैसला किया गया।
साथ ही उन्होंने कहा कि बाला साहब के सपनों को साकार करने के लिए उद्धव के नेतृत्व में पूरी पार्टी एकजुट है। बैठक में उद्धव ठाकरे के अलावा संजय राउत, लोकसभा के पूर्व स्पीकर मनोहर जोशी, सुधीर जोशी, लीलाधर डाके, सुभाष देसाई, रामदास कदम और गजानन कीर्तिकर शामिल थे।
साक्षात्कार में बाला साहब के स्मारक के मुद्दे उठे विवाद को उद्धव ने गैर वाजिब ठहराते हुए कहा कि उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि अब बाला साहब नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब मुझे नए सिरे से सब कुछ शुरू करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके साथ बाला साहब की यादें हैं।