बहजोई थाने के दो सिपाहियों ने खाकी पर एक और दाग लगा दिया। थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म का मुकदमा दोनों सिपाहियों पर दर्ज कराया गया है।
आरोपी दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके पूछताछ शुरू कर दी है।
बहजोई थाने में तैनात सिपाही लोकेंद्र और देवराज क्षेत्र के एक गांव में पांच महीने पहले जनवरी 2014 में पड़ोसियों के बीच झगड़े की सूचना पर पहुंचे थे।
लड़की से नंबर लेकर शुरू की थी बातचीत
झगड़ा बच्चों को लेकर था, इसलिए दोनों पक्षों को बुलाकर मामला निपटा दिया। बताते हैं कि सिपाही लोकेंद्र ने एक पक्ष की 15 वर्षीय लड़की का मोबाइल नंबर ले लिया।
परिजनों द्वारा थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक सिपाही ने लड़की को फोन कर बातचीत शुरू कर दी।
गश्त के नाम पर सिपाही रात को घर की दीवार फांदकर घर में घुस जाता था। दूसरा पहरेदारी करता था। आरोप है कि एक रात लड़की की मां की आंख खुल गई और शोर मचा दिया।
इस पर सिपाही भाग निकला लेकिन उसकी टार्च, टोपी और लोई वहीं पर छूट गई।
लड़की को बाइक पर बैठाकर ले गए
पांच महीनों में सिपाहियों ने कई बार लड़की के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर सिपाही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे। परिजनों ने बताया कि रविवार को सिपाही लड़की को बाइक पर बैठाकर ले गए। इसके बाद लड़की का कहीं भी पता नहीं चला।
अपर पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने बताया कि दोनों सिपाहियों पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं। तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सिपाहियों से पूछताछ की जा रही है।