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सांपों को बना रखा था पालतू, भेजे गए जेल

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बेंगलुरु से दो सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है जहरीले सांपों को घर पर रखने का। वन विभाग के अधिकारियों ने इनके घर पर छापा मार कर सांपों को छुड़ा लिया। ये लोग इन सांपों को पालतू की तरह रखते थे।
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इन सांपों में से एक वाइपर प्रजाति का सांप भी है जिसे काफी जहरीला माना जाता है। खबर के मुताबिक दोनों अपने इन पालतू सांपों पर काफी घमंड करते थे और इनकी तस्वीरें भी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर शेयर करते थे।

डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक शनिवार को इनके घर पर वन विभाग ने छापा मारा और सांपों को छुड़ा लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
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प्रथम दृष्या जांच में सामने आया है कि इन दोनों को यह नहीं पता था कि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के सेक्शन 9 के तहत सापों को घर पर रखना जुर्म है।

इलाके के लोग इन दोनों को सांप पकड़ने वालों के रूप में भी जानते हैं। वाइपर सांप का मिलना इस इलाके में बेहद साधारण बात है। सुभाष और रूपल नाम ये दोनों युवक अपने साथ सांप पकड़ने वाले औजार भी रखते थे।
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सांपों को बेचते तो नहीं थे ये सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स?

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सांप पकड़ने वाला चिमटा भारत में नहीं मिलता है और आरोपियों ने इस ई कॉमर्स साइट के जरिए मंगवाया था।

एक अधिकारी ने बताया कि,"उन्होंने पहले भी ऐसे सापों को पकड़ा है। उनका कहना है कि वे सांपों को बाद में छोड़ देते थे और उन्हें नियमों की जानकारी नहीं थी।"

छापेमारी के दौरान अफसर हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि सांपों को किसी बाड़े आदि में नहीं रखा गया था। वह बताते हैं कि,"ऐसे सांपों को हैंडल करना काफी कठिन होता है। एक सांप को तो प्लास्टिक बैग में रखा हुआ था।"

इस मामले में एक केस रजिस्टर किया गया है और जांच की जा रही है कि दोनों आरोपी इन सांपों को पालतू बना कर रखते थे या फिर बेच देते थे।
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