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बौखलाए पाक ने 12 भारतीयों को पकड़ा

Mon, 05 Jan 2015 11:33 AM IST
एम संजय, एजेंसी/नई दिल्ली, अहमदाबाद
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पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा एजेंसी (एमएसए) ने रविवार दोपहर को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के पास दो नौकाओं को जब्त करने के साथ ही 12 भारतीय मछुआरों को पकड़ा है। यह दावा किया है पोरबंदर स्थित एक गैर सरकारी संगठन ने।
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मछुआरों के गिरफ्तार किए जाने की यह घटना उस समय सामने आई है, जब गुजरात के पोरबंदर के पास चार दिन दिन पहले ही विस्फोटकों से लदी पाकिस्तानी नाव ने भारतीय तटरक्षक बल द्वारा इंटरसेप्ट किए जाने के बाद खुद को उड़ा लिया था।

एनजीओ के संयोजक जीवान जुंगी ने कहा, ‘पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने 12 भारतीय मछुआरों को गुजरात तट से दूर अरब सागर में दो नावों के साथ पकड़ा।’ हालांकि, वह यह बताने में नाकाम रहे कि ये नौकाएं कहां से आई थीं। उन्होंने बताया कि तट पर वापस लौटने वाले पोरबंदर के कुछ मछुआरों ने बताया कि पाकिस्तानी एजेंसी ने दो नौकाएं जब्त कीं और उन्हें कराची बंदरगाह ले गए। मामले की जांच की जा रही है।
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नौका विस्फोट में लश्कर-दाऊद इब्राहिम की मिलीभगत!

भारतीय समुद्री सीमा में नौका विस्फोट मामले के पीछे खुफिया एजेंसियों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए -ताइबा और गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के बीच सांठगांठ का अंदेशा जताया है। खुफिया एजेंसियों का यह भी मानना है कि मामले में अपनी पीठ थपथपाने में सरकार ने जल्दबाजी की, लेकिन कांग्रेस का इसे राजनीतिक तूल देना भी उन्हें नागवार गुजर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने पर ही सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मामला अंतरराष्ट्रीय है, इसलिए रिपोर्ट में हेराफेरी की गुंजाइश नहीं है।

जांच के दौरान ऑपरेशन को अंजाम देने वाले भारतीय तटरक्षक बल के जवानों की पूरी बातचीत रिकार्ड होगी। विस्फोट में उड़े पाक नौका से मिलने वाले अवशेषों से भी काफी कुछ पता चलेगा। ऑपरेशन को अंजाम देकर तटरक्षक बल का दल शनिवार शाम को पोरबंदर पहुंचा। जमीनी रिपोर्ट तैयार होकर आने में अभी दो-तीन दिन का वक्त लग सकता है। दिल्ली में रॉ और खुफिया ब्यूरो सरीखी एजेंसियां जमीनी रिपोर्ट का अपनी रिपोर्ट से मिलान करेंगी। उसके बाद मामले की पूरी रिपोर्ट बनेगी, जिसे गृह मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों को सौंपा जाएगा।

खुफिया विभाग के एक आला अधिकारी का कहना है कि ऐसा लगता है कि यह प्रयास भी लश्कर का था और नौका को दाऊद के जरिये ही सारी सुविधाएं प्रदान की गईं। अधिकारी ने यह भी कहा कि अरब सागर के लॉजिस्टिक नेटवर्क पर दाऊद का बड़ा प्रभाव है। समुद्री रास्तों के जरिए वह पहले तस्करी के धंधे चलाता था। वह अब भारत विरोधी पाक आतंकियों को समुद्री में लॉजिस्टिक नेटवर्क उपलब्ध कराता है। 26/11 के हमलों में लश्कर आतंकियों को दाऊद ने ही लॉजिस्टिक मदद पहुंचाई थी।
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