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गांव के लोगों के खून से लाल हो गई सड़क

Mon, 17 Nov 2014 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद, अमरोहा
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कुंदरकी के पास डूंगरपुर रोड पर हुए दर्दनाक हादसे में अमरोहा देहात थाने के अदलपुर ताज गांव के 12 लोगों की मौत की सूचना से कोहराम मच गया। मनहूस खबर सुनते ही गांव में मृतकों के घरों में चीत्कारें गूंजने लगीं। एक महिला नौगावां सादात क्षेत्र की है। सभी आंवला (बरेली) में चल रहे साकार विश्वहरि के सत्संग में शामिल होने जा रहे थे।
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अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव अदलपुरताज की आबादी कहने को तो मिश्रित है, लेकिन यह गांव यादव बाहुल्य है। सभी जातियों के बीच बेहतर संबंध हैं। यही कारण रहा कि गांव के अधिकांश लोग साकार विश्वहरि के अनुयायी हो गए। रविवार की सुबह करीब छह बजे सतवीर, प्रवेश देवी, पूर्व प्रधान चंद्रपाल सिंह, चंद्रवती, कल्पना, कृष्णा, पूनम देवी, सुशीला देवी, कश्मीरी, मुन्नी देवी, रूबी, ओमवती, ब्रजेश देवी सहित करीब 15 ग्रामीण टाटा मैजिक में सवार होकर आंवला (बरेली) में आयोजित साकार विश्वहरि की सत्संग में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। लेकिन कुंदरकी के पास डूंगरपुर रोड पर हुए हादसे में 12 की मौत हो गई।

मौत की खबर घायल अनीता देवी ने फोन करके दी, तो गांव में कोहराम मच गया। बड़ी तादात में परिजन घटना स्थल के लिए चले गए। जैसे-जैसे मरने वालों की जानकारी मिलती जा रही थी, वैसे-वैसे घरों में चीत्कारें मचने लगी थीं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसर गया और मृतकों के घरों पर ग्रामीणों का तांता लगा था। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे और नेताओं की आवाजाही भी शुरू हो गई थी। शाम करीब साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम होने के बाद जैसे ही लाशें गांव पहुंची, तो माहौल गमगीन हो गया।
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ठंडे पड़ गए घरों के चूल्हे
जिस वक्त हादसे की सूचना गांव पहुंची, उस समय महिलाएं चौका-चूल्हा संभाले थीं और खाना पका रहीं थी। लेकिन घटना की खबर फिजा में तैरते ही हाथ वहीं थम गए और चौका-चूल्हा छोड़कर मृतकों के परिजनों की दौड़ पड़ी।

गलियों में पसरा सन्नाटा
हादसे के तुरंत बाद गांव की गलियों में मातमी सन्नाटा पसर गया। हालांकि बीच-बीच कदमों की आहट ने इसे तोड़ने का काम जरूर किया, लेकिन उसमें भी दर्द झलक रहा था। शाम को लाशें गांव पहुंची, तो गलियों में पसरा सन्नाटा खत्म हुआ और दूर तलक आदमी ही आदमी नजर आया।

किसी का मुंह फटा, किसी का सिर

मुरादाबाद में डींगरपुर-कुंदरकी मार्ग पर मझोली के पास जहां यह भीषण हादसा हुआ वहां सड़क खून से लाल हो गई थी। टाटा मैजिक में शव फंसे थे। ग्रामीणों ने किसी तरह से शवों को बाहर निकाला। स्थिति यह थी कि किसी के चेहरे से खून टपक रहा था तो किसी के हाथ और पांव से।

रविवार की सुबह को सात से साढ़े सात के बीच यह भीषण हादसा हुआ। एक्सीडेंट इतना जबरदस्त था कि टाटा मैजिक के परखच्चे उड़ गए। टाटा मैजिक की टीन लोगों के शरीर में जगह जगह घुसी। स्थिति यह थी कि एक्सीडेंट प्वाइंट खून से लाल हो गया था। हादसे की सूचना मिलते ही हरियाणा, मझोली, नगला सलार, गुरेर और मानकपुर के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे।

टाटा मैजिक बुरी तरह से ध्वस्त हुई थी लिहाजा शवों को बाहर निकालने में भी घंटा भर लग गया। ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर रेस्क्यू आपरेशन चलाया। जब शवों को बाहर निकाला गया तो सभी खून से लथपथ थे। किसी का मुंह फटा तो किसी का सिर। हाथ और पांव में भी गहरे गहरे जख्म थे। शवों की स्थिति देखकर ही हादसे की भीषणता को आंका जा सकता था।

बताया जाता है कि कुछ ही देर में हादसे की खबर आसपास के इलाकों तक फैल गई थी। जिसने भी सुना वही दौड़कर मौके पर चला गया। कुछ ही देर में यहां लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी। स्थिति यह हो गई कि पुलिस को भी भीड़ हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।

...शांत होती चली गई चीखों की आवाज

घर से निकले थे तो आंखों में तमाम सपने थे। सत्संग में हर कोई कुछ न कुछ मन्नत लेकर घर से निकला था। शाम तक सभी को लौटकर घर आना था इसलिए सुबह जल्दी चल पड़े। लेकिन कौन जानता था कि काल की मनहूस घड़ी रास्ते में इनका इंतजार कर रही है।

मझोली खास गांव के सामने जब ट्रक ने मैजिक को रौंदा तो एक साथ ढेरों चीखें निकलीं। बचाओं की आवाजों सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग मैजिक की तरफ दौड़े। लेकिन ये चीखें मंद पड़ती गईं। जब तक ग्रामीणों के हाथ मदद के लिए मैजिक तक पहुंच पाते 12 जिंदगियों की डोर खामोश होकर टूट चुकी थी।

पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे लोगों का कहना था कि अदलपुर ताज के लोग पिछले कई वर्षों से साकार विश्व हरि सत्संग में जा रहे थे। लेकिन सोचा नहीं था कि एक दिन ऐसा मनहूस हादसा हो जाएगा। सतवीर ने सबसे पहले सत्संग में जाना शुरू किया था। फिर गांव वाले भी जाने लगे। रविवार को हुए हादसे में सतवीर और उसकी पत्नी प्रवेश कुमारी दोनों की ही मौत हो गई।

नौगावां के हफीजपुर की रहने वाली सतवीर की साली सुशीला भी कई बार से सत्संग में चलने की जिद कर रही थी तो इस बार वो भी साथ थी। हादसे में सुशीला की भी मौत हो गई। हादसे में मरे अदलपुर ताज के पूर्व प्रधान चंद्रपाल यादव पहली बार सत्संग में जा रहे थे। हादसे में मरी ओमवती और रूबी देवरानी जेठानी हैं।

भूसे की कीमत पर कुचल दीं बारह जिंदगी

कुंदरकी में रविवार को बारह लोगों की जान यूं ही नहीं गई। इनके खून के छींटे खाकी और आरटीओ के दामन पर भी पड़े हैं। कानून की धाराओं को हथियार बनाकर बेशक अफसरशाही इन 12 मौतों को हादसे की परिणति ठहराएं। हकीकत इससे कोसों दूर है और अफसर भी इससे अंजान नहीं हैं। दरअसल पब्लिक के पहरेदार बनाकर खड़े किए पुलिस वालों की नजरों में जिंदगी की कीमत महज दस रुपये है। परिवहन वाले भी इसे चंद सिक्कों में तौल रहे हैं। यही वजह है कि ओवरलोड वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ट्रकों की निर्धारित बॉडी से दोगुना ऊंचाई तक उन्हें लोड किया जाता है। रविवार को ऐसे ही एक ओवरलोड ट्रक ने बारह जिंदगियों को कुचल दिया।

भूसे से लदे जिस दस टायरा ट्रक ने सत्संग में जा रहे श्रद्धालुओं ने मैजिक को कुचला वो ओवरलोड था। ट्रक की बाडी के ऊपर भी करीब दस फुट की बल्लियां लगाकर भूसा भरा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सामने पेड़ आने पर ट्रक चालक को पेड़ से टकराकर भूसा बिखरने का डर था इसलिए उसने सामने से आ रही मैजिक की फिक्र किए बगैर ट्रक को तेजी से मोड़ दिया। एक बार टक्कर होने के बाद भी उसने मैजिक सवारों की जान की फिक्र नहीं की और ट्रक भगाने के चक्कर में सामने आई मैजिक को रौंदता हुआ ट्रक भगा ले गया। यही वजह है कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए और परखच्चे श्रद्धालुओं के शरीर में जा घुसे। अगर पुलिस दस रुपये में ऐसे ट्रकों को आगे नहीं बढ़वाती तो शायद इस तरह के हादसे नहीं होते। परिवहन विभाग भी ओवरलोड वाहनों की चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूरी ही करता है। ऐसे वाहन तो शहरों तक में जबतब दिख जाते हैं।

क्या हैं मानक
नियमानुसार ट्रक की बाडी 12 फिट की ऊंचाई की होनी चाहिए और जमीन की धरातल से 14 फिट की ऊंचाई तक माल लाद सकते हैं। यानी ट्रक से दो फिट उंचाई ही हो सकता है लेकिन जिस ट्रक ने हादसा किया वह दस फुट से भी ऊपर माल लदा था।

क्या कहते हैं आरटीओ
चौदह फिट का मानक होता है। ऐसे सभी वाहन जो इससे ज्यादा ऊंचाई तक माल लादकर चलते हैं वह सभी अवैध होते हैं। जितने संसाधन हैं उसके हिसाब से अभियान भी चलाया जाता है, चेकिंग भी होती है- सुरेंद्र सिंह, आरटीओ प्रवर्तन

इमरजेंसी में बुलाई गई डाक्टरों की टीम

डींगरपुर-कुंदरकी मार्ग पर रविवार तड़के हुए हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट दिखा। सूचना मिलने के बाद आनन फानन में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डाक्टरों की टीम को बुलाई ली गई। वहीं एडीएम सिटी और एसपी सिटी भी अस्पताल पहुंचे।

डींगरपुर-कुंदरकी मार्ग पर रविवार तड़के सड़क हादसे में बारह लोगों की मौत हो गई। जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। घायलों के इलाज के लिए तत्काल सात डाक्टरों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में आन काल बुला लिया गया। घायल चालक कुलदीप शर्मा के साथ इमरजेंसी में पहुंची कल्पना यादव पत्नी देवेन्द्र यादव, अनीता देवी पत्नी लोकेंद्र यादव, अंगूरी जाटव पत्नी रामेश जाटव का इलाज कर रेफर कर दिया गया। इस दौरान एडीएम सिटी, एसपी सिटी और जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. बीर सिंह मौजूद रहे।

पोस्टमार्टम में लगाई की दो डाक्टरों की टीम
हादसे में जान गंवाने वाले बारह श्रद्धालुओं के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुरादाबाद लाया गया। एक साथ बारह लाशें आने पर पोस्टमार्टम हाउस पर अफरातफरी मच गई। पोस्टमार्टम में देरी न हो इसके लिए दो डाक्टरों की टीम लगाई गई थी।
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देर से पहुंचे अफसरों पर भड़के मंत्री

एक्सीडेंट में चौदह लोगों की मौत की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री महबूब अली मुरादाबाद पहुंच गए। यहां अफसरों से हादसे के बारे में जानकारी ली और फिर पोस्टमार्टम हाउस आ गए। यहां कुछ अफसर देरी से पहुंचे थे जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा, दो मिनट में सस्पेंड हो जाओगे। यहां मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद का भी ऐलान किया गया।

कुंदरकी-डींगरपुर मार्ग पर हुए हादसे में मरने वाले बारह लोग कैलसा के पास अदलपुर ताज गांव के रहने वाले हैं। हादसा सुबह को साढ़े सात बजे के करीब हुआ था। इस एक्सीडेंट की जानकारी पाकर कैबिनेट मंत्री महबूब अली भी मुरादाबाद पहुंच गए। यहां अधिकारियों से हादसे के बारे में पूछा गया। बाद में कैबिनेट मंत्री पोस्टमार्टम हाउस पर आ गए थे। यहां अदलपुर ताज के भी तमाम लोग थे।

मंत्री ने अफसरों से कहा कि घायलों को बेहतर ट्रीटमेंट मिलना चाहिए। कैबिनेट मंत्री को जब यहां पता चला कि कुछ अफसर घटनास्थल पर लेट पहुंचे हैं तो वह भड़क गए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मृतकों के परिवार वालों को तीन तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया है।
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