कुंदरकी के पास डूंगरपुर रोड पर हुए दर्दनाक हादसे में अमरोहा देहात थाने के अदलपुर ताज गांव के 12 लोगों की मौत की सूचना से कोहराम मच गया। मनहूस खबर सुनते ही गांव में मृतकों के घरों में चीत्कारें गूंजने लगीं। एक महिला नौगावां सादात क्षेत्र की है। सभी आंवला (बरेली) में चल रहे साकार विश्वहरि के सत्संग में शामिल होने जा रहे थे।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गांव अदलपुरताज की आबादी कहने को तो मिश्रित है, लेकिन यह गांव यादव बाहुल्य है। सभी जातियों के बीच बेहतर संबंध हैं। यही कारण रहा कि गांव के अधिकांश लोग साकार विश्वहरि के अनुयायी हो गए। रविवार की सुबह करीब छह बजे सतवीर, प्रवेश देवी, पूर्व प्रधान चंद्रपाल सिंह, चंद्रवती, कल्पना, कृष्णा, पूनम देवी, सुशीला देवी, कश्मीरी, मुन्नी देवी, रूबी, ओमवती, ब्रजेश देवी सहित करीब 15 ग्रामीण टाटा मैजिक में सवार होकर आंवला (बरेली) में आयोजित साकार विश्वहरि की सत्संग में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। लेकिन कुंदरकी के पास डूंगरपुर रोड पर हुए हादसे में 12 की मौत हो गई।
मौत की खबर घायल अनीता देवी ने फोन करके दी, तो गांव में कोहराम मच गया। बड़ी तादात में परिजन घटना स्थल के लिए चले गए। जैसे-जैसे मरने वालों की जानकारी मिलती जा रही थी, वैसे-वैसे घरों में चीत्कारें मचने लगी थीं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसर गया और मृतकों के घरों पर ग्रामीणों का तांता लगा था। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे और नेताओं की आवाजाही भी शुरू हो गई थी। शाम करीब साढ़े चार बजे पोस्टमार्टम होने के बाद जैसे ही लाशें गांव पहुंची, तो माहौल गमगीन हो गया।
ठंडे पड़ गए घरों के चूल्हे
जिस वक्त हादसे की सूचना गांव पहुंची, उस समय महिलाएं चौका-चूल्हा संभाले थीं और खाना पका रहीं थी। लेकिन घटना की खबर फिजा में तैरते ही हाथ वहीं थम गए और चौका-चूल्हा छोड़कर मृतकों के परिजनों की दौड़ पड़ी।
गलियों में पसरा सन्नाटा
हादसे के तुरंत बाद गांव की गलियों में मातमी सन्नाटा पसर गया। हालांकि बीच-बीच कदमों की आहट ने इसे तोड़ने का काम जरूर किया, लेकिन उसमें भी दर्द झलक रहा था। शाम को लाशें गांव पहुंची, तो गलियों में पसरा सन्नाटा खत्म हुआ और दूर तलक आदमी ही आदमी नजर आया।