आपने कई तरह के जानवरों के बीच लड़ाई देखी होगी, लेकिन पहली बार जब आप एक कछुए और मगरमच्छ की लड़ाई देखेंगे तो दंग रह जाएंगे।
धीमी चाल के बावजूद खरगोश से दौड़ जीतने वाले कछुए ने मगरमच्छ से हुई इस जंग में बाजी मार ली।
जॉर्जिया में पूर्वी नदी के तट पर इस मगरमच्छ ने एक कछुए को अपने जबड़े
में जकड़ लिया।
उसने लगभग 15 मिनट तक पूरी ताकत से कछुए को मारने का प्रयास
किया। लेकिन अपने प्राकृतिक कवच में छिपा कछुआ बिल्कुल सुरक्षित था।
बेहद मजबूत जबड़ों वाले मगरमच्छ ने कछुए के खोल को तोड़ने के लिए लगभग 2900 पाउंड का दबाव डाला लेकिन वह सफल नहीं हो सका। थक हारकर मगरमच्छ ने कछुए को छोड़ दिया। मगरमच्छ के जबड़ों से आजाद हुआ कछुआ पूरी तरह सुरक्षित था।
लाइव फाइट के गवाह
डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार, अमेरिका के 51 वर्षीय वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर पैट्रिक केसलेबेरी ने महज छह फूट की दूरी से इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद किया।
उन्होंने बताया कि मगरमच्छ के छोड़ने के बाद कछुए को जिंदा देखकर वह दंग रह गए। वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर कछुए ने यह मुकाबला 1-0 से जीत लिया।
उन्होंने कहा, 'जब मैं एक बगुले की फोटो खिंच रहा था, उसी समय पानी के पास एक गेंद जैसा कुछ उछला। तत्काल मैंने जब उधर देखा तो यह लड़ाई चल रही थी। मुझे लगा कि अंत में मगरमच्छ ही जीतेगा और वह कछुए की खोल को तोड़ देगा।'
'जब उसने कछुए को छोड़ दिया तो मैं यह सोचकर उसके पास गया कि वह मर गया होगा, लेकिन वह जिंदा था। जैसे ही मैंने उसे पलटा वह रेंगते हुए पानी में चला गया।'
प्राकृतिक ढाल
कछुए के खोल की मजबूती को लेकर कई अध्ययन हुए हैं। शोधकर्ता हमेशा इस खोल का डिजाइन तैयार करने और उसे बनाने में रूचि लेते रहे हैं। शोधकर्ता मनुष्यों का कवच बनाने में भी इसका प्रयोग कर रहे हैं।
कछुए का यह प्राकृतिक कवच मजबूत हड्डियों से बना होता है। हड्डियों की बनी प्लेटों के नीचे कछुए की पसलियां, रीढ़, कंधे और पिछले हिस्से के अंग ढके होते हैं। खोल की बेहतरीन बनावट उसे अतिरिक्त मजबूती देती है।