अपनी पार्टी के कांग्रेस में विलय या आगामी चुनावों में गठबंधन की अटकलों के बीच टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। हालांकि उनका कहना है कि बैठक के दौरान किसी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई।
राव ने कहा कि वह तेलंगाना पर फैसला लेने के लिए सोनिया गांधी को शुक्रिया कहने के लिए आए थे। कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठक के बाद राव ने कहा, ‘राजनीति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।’
संपर्क में हैं नेता
हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह उनसे लगातार संपर्क बनाए रखेंगे। तेलंगाना के कांग्रेसी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले शुक्रवार को सोनिया गांधी से मिला था।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री सर्वे सत्यनारायण ने कहा था कि कांग्रेस को उम्मीद है कि टीआरएस उनके साथ शामिल हो जाएगा। टीआरएस के कांग्रेस में संभावित विलय के संबंध में उन्होंने कहा था, ‘हमें उम्मीद कर रहे हैं कि टीआरएस हमारे साथ होगा।
तेलंगाना पर दिया धन्यवाद
राव लगातार कहते रहे हैं कि अगर तेलंगाना बनता है, तो वह सोनिया गांधी के साथ काम करेंगे। अब बिल पास हो चुका है और उनके अलग पार्टी बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।’ पिछले 10 साल से राव तेलंगाना राज्य बनाने के लिए आंदोलन कर रहे थे।
2004 के चुनावों में टीआरएस ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया था और राव यूपीए-1 में केंद्रीय श्रम मंत्री भी रहे थे। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में वाईएसआर रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में भी वे साथ थे। लेकिन जल्द ही इस पार्टी की राहें जुदा हो गई थीं।