पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ लेफ्ट और नगालैंड की नगा पीपुल्स फ्रंट ने जबरदस्त वापसी है। मेघालय में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यहां कांग्रेस को पूर्ण बहुमत से दो सीटें कम मिली।
त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय के मुख्यमंत्री माणिक सरकार, नेइफियो रियो और मुकुल संगमा चुनाव जीत गए हैं। त्रिपुरा में सत्तारूढ़ पार्टी लेफ्ट फ्रंट को लगातार पांचवीं बार सत्ता मिली है। वर्ष 1993 से यहां वामपंथी सरकार है। पार्टी को तीन-चौथाई बहुमत भी मिल गया है। मुख्यमंत्री माणिक सरकार के नेतृत्व में लेफ्ट फ्रंट को 60 में से 50 सीटें मिली हैं। जबकि कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को बड़ा झटका लगा है।
2008 के चुनाव में फ्रंट को 49 सीटें मिली थीं। फ्रंट के बड़े घटक दल सीपीआई (एम) ने 55 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए, जिसमें से 49 सीटों पर उसे सफलता मिली। जबकि सीपीआई को दो में से एक सीट हासिल हुई। कांग्रेस के लिए नतीजा बेहद निराशाजनक रहा।
पार्टी ने 48 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से 10 सीटों पर ही जीत हासिल हो सकी। आईएनपीटी, नेशनल कांफ्रेंस ऑफ त्रिपुरा का खाता भी नहीं खुला।
माणिक सरकार ने 6,017 वोटों से अपने कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दी। वित्त मंत्री बादल चौधरी ने 12,429 वोटों से जीत दर्ज कर इतिहास बनाया। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में जीत का यह सबसे बड़ी जीत है।
मेघालय में कांग्रेस को 29 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जो पिछले बार से चार सीट अधिक है। पी ए संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी को मात्र दो सीटों पर कामयाबी मिल सकी। एनसीपी ने दो सीटें जीती हैं। राज्य की युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार आठ सीटों पर विजयी रहे हैं। 13 निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते हैं।
नगालैंड में एनपीएफ लगातार तीसरी बार
नगालैंड में लगातार तीसरी बार नगा पीपुल्स फ्रंट सत्ता में पहुंची है। 12वें विधान सभा चुनाव में पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है। नगा पीपुल्स ने प्रांत की कुल 60 में से 38 सीटों पर विजय हासिल की है। पिछली बार की तुलना में पार्टी के खाते में इस बार 12 सीटों का इजाफा हुआ है। पार्टी ने सभी सीटों से अपने उम्मीदवार उतारे थे।
उधर, कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है। पिछली बार पार्टी ने 18 सीटों पर जीत हासिल की थी पर इस बार कांग्रेस के केवल आठ उम्मीदवार ही सफलता हासिल कर सके। एनपीएफ के घटक दलों जनता दल (यूनाइटेड) और बीजेपी की झोली में एक-एक सीट गई।
एनसीपी ने 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, जिसमें से चार सीटों पर ही सफलता मिली। जबकि राष्ट्रीय जनता दल अपना खाता भी नहीं खोल सकी। आठ सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। प्रांत की कुल 60 में से 59 सीटों पर ही चुनाव कराए गए थे।
दरअसल, 23 फरवरी को चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस के उम्मीदवार का निधन हो गया था। एनपीएफ की ओर से मुख्यमंत्री नेइफियो रियो चुनाव जीत गए हैं। उत्तरी अंगामी सीट से उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार केविसे सोगोत्सू को 12671 वोट से हराया। प्रांत के पूर्व गृह मंत्री और एनपीएफ उम्मीदवार इमकांग एल इंपचेन भी विजयी रहे हैं।
चुनाव से पहले उनकी गाड़ी में एक करोड़ रुपये कैश, शराब और हथियार बरामद हुआ था, जिसके बाद इंपचेन ने पद से इस्तीफा दे दिया था।