तृणमूल कांग्रेस ने रिटेल में एफडीआई और भ्रष्टाचार के मसले को लेकर यूपीए सरकार पर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में उनकी पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।
उन्होंने यूपीए के सहयोगी दलों, वामदलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने भाजपा का समर्थन लेने की भी बात कही है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी का कहना है कि सरकार के पास संसद में पूर्ण बहुमत हासिल है और अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार है। तृणमूल को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए 50 सांसदों की जरूरत पड़ेगी जोकि सांप्रदायिक ताकतों के समर्थन के बिना संभव नहीं है।
पार्टी सांसदों के साथ बैठक के बाद बनर्जी ने कहा कि पार्टी के संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय शीतकालीन सत्र के पहले दिन अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। हम सरकार को हटाकर नए चुनाव के जरिए नई सरकार का गठन करना चाहते हैं। उन्होंने अन्य राजनीतिक पार्टियों से प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया।
भाजपा का समर्थन मांगने के सवाल पर तृणमूल प्रमुख ने कहा कि यदि कोई हमसे बात करना चाहता है तो हम तैयार हैं। राजनीतिक पार्टियां राजनीतिक दलों से बात कर सकती हैं। इसमें कोई धार्मिक मामला शामिल नहीं है।
बनर्जी ने कहा कि जब कांग्रेस भाजपा से बात करती है तो वह सही है लेकिन जब दूसरे राजनीतिक दल उससे बात करना चाहते हैं तो वह अस्पृश्य हो जाती है। यूपीए सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और देश को बेचने पर तुली हुई है। यह सरकार जनता विरोधी फैसले ले रही है, इसे सत्ता से जाना ही होगा।