फायर ब्रांड नेता ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता भी अब आग उगलने में लगे हुए हैं।
पंचायती चुनावों के मद्देनजर एक दिन पहले ही पार्टी के जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने कार्यकर्ताओं को कहा था कि पुलिस वालों पर बम फेंको और निर्दलीय उम्मीदवारों को पीट पीट कर खदेड़ दो। उनके घर जला डालो।
जबकि बृहस्पतिवार को तृणमूल सांसद तापस पाल ने मर्यादाओं को लांघते हुए आह्वान किया है कि माकपा कार्यकर्ताओं की जूते से पिटाई करो।
मंडल के बयान पर राज्य चुनाव आयुक्त मीरा पांडे ने भी संज्ञान लेते हुए बीरभूम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और एसपी से रिपोर्ट तलब की है।
हालांकि मंडल ने बोलपुर में संवाददाताओं से कहा कि मेरा यह कहने का मतलब नहीं था। गलती से मेरी जुबान फिसल गई।
उधर, नदिया जिले के टेहटा में एक रैली के दौरान कृष्णानगर से टीएमसी सांसद तापस पाल ने कहा, ‘मूलरूप से मैं तृणमूल कांग्रेस का सिपाही हूं। आप भी तृणमूल कांग्रेस के सिपाही बनें।
जहां कहीं भी माकपा कार्यकर्ता मिलें, उनकी जूते से पिटाई करें।’ उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में भूमि आंदोलन के दौरान माकपा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं का रेप किया।
पार्टी सांसद शताब्दी रॉय ने मंडल की टिप्पणी से दूरी बनाते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि यह निजी राय है, पार्टी की सोच ऐसी नहीं है।
मैं इस तरह के बयान का समर्थन नहीं कर सकती।’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस संबंध में फैसला करेगी।
इस बीच भाजपा की स्टेट यूनिट ने राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मंडल को गिरफ्तार करने की मांग की है।