मुंबई हमले की चौथी बरसी पर मुंबई की चौपाटी स्थित पुलिस जिमखाना में आयोजित कार्यक्रम में कई लोग स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस अवसर पर मुंबई हमलों में मारे गए लोगों की याद में बनाए गए स्मारक का लोकार्पण किया गया। यह स्मारक आतंकवादी हमले के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की याद में बनाया गया है।
स्मारक स्थल पर मृतकों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री शरद पवार, प्रदेश के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल पहुंचे। इसके अलावा शहीद पुलिस अधिकारियों के परिजन भी श्रद्धांजलि देने जिमखाना पहुंचे।
इधर 26/11 की चौथी बरसी पर मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने कहा कि चार बिंदुओं वाली तैयारी है। पहली यह है कि हमें इस बारे में सतर्क होना चाहिए कि क्या वाकई कोई खतरा है या नहीं और अगर कोई खतरा है तो हमें इसके स्रोत को जानना चाहिए। अगर खतरा असली है तो उसकी जड़ों का पता लगाया जाना चाहिए और यह स्थापित करना भी जरूरी है कि कौन आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन स्तर पर विशेष तौर पर प्रशिक्षित प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। सुरक्षा प्रबंधों की विस्तार से जानकारी देते हुए सिंह ने कहा कि शहर में 39 डिवीजन पदस्थापित हैं। पुलिस ने 400 स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया है ताकि छात्रों को आतंकवाद के बारे में जागरुक किया जा सके।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि हम नियमित तौर पर अभ्यास करते हैं। तलाशी अभियान, नाकाबंदी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एक महीने या दो महीने में मुंबई पुलिस शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
उल्लेखनीय है कि मुंबई हमले के बाद गिरफ्तार किए गए एकमात्र आतंकी मोहम्मद अजमल कसाब को 21 नवंबर को पुणे की यरवडा जेल में फांसी दी गई थी। इसके बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान ने कहा था कि कसाब को फांसी पर लटकाए जाने का बदला उनका संगठन भारत और अन्य जगहों पर हमलों के साथ लेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।