केंद्रीय सूचना आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की चिकित्सा पर हुए खर्च को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है।
मुरादाबाद के एक निवासी ने 88 वर्षीय वाजपेयी की बीमारी पर हुए खर्च की जानकारी आरटीआई के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय से मांगी है।
मुख्य सूचना आयुक्त सत्यानंद मिश्र ने कहा कि खर्च के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय को मालूम होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हैरानी होती है कि खर्च का ब्यौरा पता करने की बजाए मंत्रालय आरटीआई याचिका को एक विभाग से दूसरे विभाग भेजता रहा।
मिश्र ने स्वास्थ्य मंत्रालय से खर्च की पूरी जानकारी पता लगाकर याचिकाकर्ता को देने के आदेश दिए।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने याचिका जवाब देने की बाजाए उसे एक विभाग से दूसरे विभाग में भेज दिया था। जिससे परेशान होकर याचिकाकर्ता ने आयोग की शरण ली।
पूर्व में मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह ने वीआईपी लोगों की चिकित्सा पर हुए खर्च को सार्वजनिक करने को उचित ठहराया था।
उन्होंने कहा था कि चिकित्सा के लिए सरकारी कोष से आने वाले फंड को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।