उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि छेड़खानी करने वाले आईएएस अफसर पर कार्रवाई हो चुकी है। ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएएस अफसर की पैरवी में नीली बत्ती लगे वाहनों से पहुंचने वाले अफसरों की सूची तैयार कराई जा रही है, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि सोमवार को लखनऊ मेल में एक युवती से छेड़छाड़ करने के आरोप में यूपी सरकार में तकनीकी शिक्षा के विशेष सचिव शशि भूषण लाल सुशील के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि छेड़खानी करने वाले आईएएस अफसर के प्रति सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। आरोपी अधिकारी को निलंबित किया गया और मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेजा गया। आरोपी अफसर की पैरवी में की लोगों के नीली बत्ती वाहन से पहुंचने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बात उनकी जानकारी में आई है और उन्होंने ऐसे लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर मंगलवार को सुबह हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां अपनी श्रृद्धांजलि अर्पित करने के बाद वहां रखा चरखा काता और इस मौके पर खादी के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में खादी पहनने का चलन है और वे भी अरसे से खादी पहनते आए हैं।
मुख्यमंत्री ने खादी विभाग की आर्थिक स्थित पर चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि नवंबर-दिसंबर में पूरक बजट आने पर समस्या का समाधान किया जाएगा और बकाए को समाप्त कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे विभाग और कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत हैं और इसके निदान के प्रयास किए जा रहे हैं।
हमारी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की हरकतें करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
--अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री