मुजफ्फरनगर दंगा मामले में भाजपा विधायक संगीत सोम की गिरफ्तारी में उमड़ी भीड़ की गाज सरधना के सीओ और एसओ पर गिर गई है।
दरअसल संगीत सोम की गिरफ्तारी के दिन भारी भीड़ उमड़ी थी। कहा जा रहा था कि गिरफ्तारी के लिए पूरा मैनेजमेंट किया गया था। पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के तरीके पर कुछ सपा नेताओं ने ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी। बुधवार शाम को मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद एसएसपी दीपक कुमार ने दोनों को हटाने का फैसला किया।
संगीत सोम के सलावा पहुंचने से पहले ही पुलिस के आला अफसरों को सूचना मिल गई थी। सोम की गिरफ्तारी का प्लान बनाते हुए कुछ अफसरों को जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके बाद इंस्पेक्टर सरधना जितेंद्र कुमार और एसपी क्राइम, एसपी देहात, तीन सीओ, दस थानों के इंस्पेक्टर/ प्रभारी, पीएसी, बीएसएफ, आईटीबीपी सहित भारी फोर्स ने विधायक को सलावा से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार से पहले जुटी भीड़
हालांकि इससे पहले गांव में चार से पांच हजार लोगों की भीड़ जुट चुकी थी। संगीत सोम ने लोगों को संबोधित भी किया। इसके बाद संगीत सोम के समर्थकों ने खुद गिरफ्तारी देने की बात कही तो पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया था।
मुख्यमंत्री के एक सचिव द्वारा फोन पर दिए गए निर्देश पर एसएसपी ने सीओ रूपेश सिंह और इंस्पेक्टर सरधना जितेंद्र कुमार को हटा दिया। रूपेश कुमार को सीओ क्राइम बनाया गया है, जबकि इंस्पेक्टर को क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है।
सीओ सदर देहात रमनपाल सिंह अब सरधना के नये सीओ और लिसाड़ी गेट के इंस्पेक्टर जनक सिंह पुंडीर को इंस्पेक्टर बनाया गया है। श्वेताभ पांडेय को सीओ सदर देहात बनाया गया है।
एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि शासन के निर्देश पर ये फेरबदल किए गए।