सड़क निर्माता कंपनियों की टोल टैक्स में मनमानी अब ज्यादा समय तक नहीं चल सकेगी। सरकार ने कंपनियों पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री डॉ सीपी जोशी ने लोकसभा में बताया कि कंपनियों की मनमानी पर अंकुश के लिए उनके अधिकारों में कटौती की जाएगी। मौजूदा कानून के तहत कंपनियों को असीमित अधिकार मिले हुए हैं। इसके चलते टोल टैक्स से संबंधित शिकायतें दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं।
जोशी के मुताबिक मौजूदा कानून काफी पुराने हैं। इसमें संशोधन की जरूरत है। सरकार ने इन कानूनों में सुधार की योजना बनायी है। सुधार के बाद कंपनियों के पास टोल टैक्स वसूलने के अधिकार रहेंगे, लेकिन वे किसी तरह की मनमानी नहंी कर सकेंगे। मौजूदा समय ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि सड़क निर्माण का काम पूरा होने से पहले ही कंपनियां टोल टैक्स की वसूली शुरू कर देती हैं, जो कि कानूनन अवैध है। सड़क निर्माण का काम पूरी तरह से समाप्त होने और उस पर परिवहन की आवाजाही शुरू होने पर ही टोल टैक्स की वसूली की जा सकती है।
टोल से संबंधित शिकायतों में जबरन वसूली, सवारियों के साथ अभद्र व्यवहार, सड़कों की खराब स्थिति, जन सुविधाओं का अभाव और पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण टोल प्लाजा पर जाम जैसी सैकड़ों शिकायतें मंत्रालय को मिल रही हैं। सर्वाधिक 386 शिकायतें कर्नाटक से मिली हैं जबकि आंध्र प्रदेश से 260 और तमिलनाडु से 129 शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से भी 17 और दिल्ली से 33 शिकायतें पंजीकृत हुई हैं। इसी प्रकार राजस्थान से 64, बिहार से 14 और पश्चिम बंगाल से 41 शिकायतें मिल चुकी हैं।