अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जब सरकार इस प्राचीन विधा को धर्म और जाति से ऊपर बता रही है, तब विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि योग कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं था। यह अधिक वैदिक और सनातन है।
तोगड़िया ने रविवार को कहा कि नमाज और योग दो अलग चीजें हैं। ओम और सूर्य नमस्कार बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनके बिना योग अधूरा है। जो ओम और सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहते हैं, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य के लिए जिम जाना चाहिए।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, उन्हें योग अपनाना चाहिए और जो आत्महत्या (बेहतर जीवन नहीं) करना चाहते हैं, वे इसे नकार सकते हैं।