अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को दुनिया के किसी भी देश में ढूंढने के लिए उसके नए नाम और नए पासपोर्ट नंबर की जरूरत है। भारत की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के तहत कई देशों की पुलिस उसे पुराने नाम और पासपोर्ट नंबर से ढूंढ रही है, जबकि इस डॉन ने पिछले कुछ सालों में कई बार अपना नाम बदला है। एजेंसियों को चकमा देने के लिए कई पासपोर्ट भी बनवा रखा है। गौरतलब है कि रेड कॉर्नर नोटिस पासपोर्ट नंबर के आधार पर ही जारी की जाती है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसी हफ्ते रोम में संपन्न इंटरपोल सम्मेलन में पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा था कि दाऊद के पूरे ब्योरे के बावजूद 1993 के इस मास्टरमाइंड को अब तक नहीं सौंपा जा सका है। आंतरिक सुरक्षा से जुड़े उच्चपदस्थ अधिकारियों के मुताबिक यह भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और आईबी की जिम्मेदारी है कि वह दाऊद के नए नाम और पासपोर्ट नंबर का पता लगाए।
इतना ही नहीं उसे यह भी पुख्ता करना होगा कि वह नया नाम और पासपोर्ट उसी दाऊद का है, जिसने अपनी पहचान बदल रखी है। अधिकारियों के मुताबिक इसके बिना दाऊद को भारत लाना सपने की तरह है। पाकिस्तान इसी बात का फायदा उठा कर दाऊद की तरफ से आंखें मूंदे हुए है। अधिकारी ने बताया कि इस हालात से भारतीय एजेंसियों के साथ संबंधित विदेशी एजेंसियां भी परिचित हैं।
सूत्रों ने बताया कि दाऊद के दुबई और सऊदी अरब में भी होने की खबर कई बार मिलती रहती है। खाड़ी के देशों के अंडरवर्ल्ड में ठोस पकड़ होने की वजह से दाऊद के खिलाफ ठोस कागजी सबूतों के बिना कोई भी एजेंसी कार्रवाई करने से बचती हैं।
...कहीं बदलवा न लिया हो चेहरा
आशंका व्यक्त की जा रही है कि ऐसा हो सकता है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के प्लास्टिक सर्जरी के जरिए चेहरा बदलवा लिया हो। खुफिया एजेंसियों ने भी इस संभावना से इनकार नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार अगर ऐसा है तो फिर उसे पकड़ना काफी मुश्किल हो जाएगा।
वैसे पाकिस्तान के अंडरवर्ल्ड में कई नए खिलाड़ियों के आ जाने से दाऊद की ताकत कम हुई है। यहां तक कि उसे पाकिस्तान में महफूज रहने के लिए अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ रही है। इसके बावजूद उस पर हाथ डालना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उसकी सटीक पहचान भारतीय एजेंसियों के पास नहीं है।