नए मंत्रालय में काम करने से इनकार कर चुके पश्चिम बंगाल के असंतुष्ट मंत्री रबीन्द्र नाथ भट्टाचार्य ने मंगलवार को ‘धन उगाही’ का मुद्दा छेड़ते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पार्टी के अंदरूनी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कहा है।
सिंगूर आंदोलनके दौरान अग्रणी रहे भट्टाचार्य ने कहा कि वे सिंगुर के स्कूलों में हुई नियुक्तियों में पार्टी पदाधिकारियों द्वारा की गयी धन उगाही पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय कार्यालय में उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने का मुद्दा उठाया तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इसकी जानकारी दी पर कुछ नहीं किया गया। ऐसा लगता है कि इन आरोपों के मामले में पार्टी की कोई रुचि नहीं है।
पिछले शनिवार मुख्यमंत्री ने इस तरह धन के लेन-देन पर विरोध जताते हुए पार्टी में ईमानदारी और राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए काम का माहौल बनाने व ढांचागत सुधारों की जरूरत बताई थी।
भट्टाचार्य ने बताया कि सुबह उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया था जिसमें उनसे 30 नवंबर को सिंगुर में ममता बनर्जी के संयोजन में होने वाली प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लेने की गुजारिश की गयी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से औपचारिक निमंत्रण की मांग की है जिसके मिलने के बाद ही इसमें शामिल होने का फैसला किया जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि जिला मुख्यालय पर होने वाली यह बैठक नाराज भट्टाचार्य को मनाने के लिए की जा रही है।
दूसरी ओर भट्टाचार्य अभी तक इस बात पर अड़े हुए हैं कि वे हाल में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद मिले सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग में नहीं जायेंगे। पहले उनके पास कृषि विभाग था।