मुनिया से दुष्कर्म के आरोपी मनोज को तिहाड़ जेल नंबर आठ-नौ के ब्लेडबाज कैदियों का डर सता रहा है। इन कैदियों की धमकी के बाद वह जानलेवा हमले की आशंका से सहमा हुआ है।
तिहाड़ जेल की अति संवेदनशील जेल आठ-नौ में शातिर ब्लेडबाज और पॉकेटमार कैदियों की भरमार है। सूत्रों की मानें तो इन कैदियों के एक गिरोह ने मनोज को उसके किए गए का अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
इस स्थिति में मनोज को तिहाड़ की किसी दूसरी सुरक्षित जेल में भेजा जा सकता है। हालांकि जेल प्रशासन उसे पूरे सुरक्षा घेरे में रखे जाने की बात कह रहा है।
सूत्रों की मानें तो तिहाड़ में ब्लेडबाज कैदियों के आतंक से हर कैदी डरता है। ये खूंखार कैदी अभी तक दर्जनों अन्य कैदियों को अपना निशाना बना चुके हैं। दो-तीन साल पहले इन्होंने तिहाड़ जेल में बंद माफिया डॉन फजलू पर भी हमला किया था।
इस मामले में तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि जेल नंबर आठ-नौ में सबसे अधिक कैदी पूर्वी दिल्ली के हैं। उन्होंने मनोज पर हमले होने की आशंका से इंकार नहीं करते हुए सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है।
साल भर में दो दर्जन से अधिक घटनाएं
तिहाड़ जेल में एक साल के अंदर दो दर्जन से अधिक ब्लेडबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं। इस आरोप में ऐसे कैदियों को कालकोठरी तक का रास्ता दिखाया गया है।
जेल प्रशासन ने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कैदियों पर एफआईआर भी दर्ज की है। जेल में ब्लेड या सर्जिकल ब्लेड कैदियों तक किस तरह से पहुंच रहा है, यह भी एक पहेली बनी हुई है।