स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार क्रिकेटर श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चौहान के इंतजार में तिहाड़ जेल के कैदी क्रिकेटर भी हैं।
कैदी अपने मैच में इन क्रिकेटरों को शामिल कर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।
अगर ये क्रिकेटर सर्दी तक जेल में रुके तो तिहाड़ ओलंपिक में उनका जलवा देखने को मिल सकता है। कैदी लगातार जेल अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि वे तिहाड़ में कब आएंगे।
तिहाड़ की सभी नौ जेलों की अलग-अलग क्रिकेट टीमें हैं। इन सब में जेल नंबर दो-तीन और एक की टीमें मजबूत मानी जाती हैं।
जेल नंबर दो में प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे संतोष कुमार सिंह और मॉडल जेसिका लाल हत्याकांड के आरोपी मनु शर्मा की टीम तिहाड़ ओलंपिक के साथ ही दो जेलों के बीच हुए कई मैच में बाजी मार चुकी है।
तिहाड़ के कैदी क्रिकेटरों का इरादा भारतीय टीम के क्रिकेटरों से खेल की बारीकियां सीखने का भी है। ये कैदी अपने टीम की मजबूती के लिए रोजाना अभ्यास करते हैं।
इनका दावा है कि भारतीय टीम के क्रिकेटरों से किसी भी मायने वे कम नहीं हैं।
जेल में आने के बाद पता चलेगा की कौन किस पर भारी है। तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि तिहाड़ जेल में क्रिकेट का जबरदस्त क्रेज है।
यहां इस खेल के समर्थकों की संख्या भी कम नहीं है। यहां के क्रिकेटर भारतीय टीम के खिलाड़ियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कपिल और वीरू भी मान चुके है लोहा
तिहाड़ जेल का क्रिकेट मैच जेल और जेल के बाहर खूब लोकप्रिय है। पहले तिहाड़ के अधिकारी बनाम कैदी में रोमांचक मैच हो चुका है।
इसमें तिहाड़ के कैदियों ने बाजी मारी थी। यहां हुए मैचों में पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव और विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग सहित अन्य क्रिकेटर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर चुके हैं और कैदियों की क्रिकेट खेलने की प्रतिभा का लोहा मान चुके हैं।
भारतीय क्रिकेटरों की कड़ी सुरक्षा होगी
तिहाड़ में भारतीय टीम के खिलाड़ियों की कड़ी सुरक्षा होगी। जेल प्रशासन इनकी सुरक्षा को लेकर अभी से चिंतित है।
तिहाड़ में ब्लेडबाजी और कैदियों की पिटाई की घटनाओं को देखते हुए जेल प्रशासन पहले से सतर्क है। जेल प्रशासन के मुताबिक, क्रिकेटरों की सुरक्षा में भरोसेमंद जेलकर्मियों को लगाया जाएगा।