केंद्र सरकार भारत-पाक क्रिकेट सीरीज के दौरान केवल खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि पाक दर्शकों को भी पूरी सुरक्षा देगी। इस सीरीज के विरोध में आवाज उठा रहे शिवसेना के इतिहास को देखते हुए केंद्र ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को खेल की सुरक्षा में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।
गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में दहशत में जी रहे सरपंचों को सुरक्षा देने के लिए राज्य की हर संभव मदद करने का भी ऐलान किया है। दो दिन पहले ही उमर अब्दुल्ला ने सभी सरपंचों को अलग से सुरक्षा दिए जाने में लाचारी जताई थी।
बृहस्पतिवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भारत पाक सीरीज और घाटी के सरपंचों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। शिवसेना की धमकी के मद्देनजर सीरीज के दौरान संभावित उपद्रव के सवाल पर शिंदे ने कहा कि सरकार खेल और राजनीति को साथ मिला कर नहीं देखती।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों और उनके सपोर्ट स्टाफ को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। साथ ही पाकिस्तान से आने वाले दर्शकों की सुरक्षा को लेकर भी केंद्र गंभीर है। हालांकि मंत्रालय इस बात से संतुष्ट है कि शिव सेना के गढ़ मुंबई में एक भी मैच नहीं है। दूसरे शहरों में इन्हें सुरक्षा देने में एजेंसियों को ज्यादा मुश्किल नहीं होगी।
शिंदे ने जम्मू कश्मीर की सुरक्षा के संबंध में कहा कि राज्य सरकार को जो मदद चाहिए, वह केंद्र से मिलेगी। कई सरपंचों की हत्या और हिंसा के डर से राज्य के 35 हजार पंचों और सरपंचों में से करीब 800 ने सरकार को अपना इस्तीफा भेज दिया है। हालांकि राज्य सरकार के मुताबिक उन्हें अब तक सिर्फ 50 सरपंचों का इस्तीफा ही मिला है। इस हालात पर शिंदे ने कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं।