पश्चिम बंगाल के सुंदरवन के वर्जित क्षेत्र में लोगों का प्रवेश करना एक बार फिर घातक साबित हुआ है। गुरुवार की सुबह यहां की एक झील में अपने बेटे और बेटी के साथ मछली पकड़ने गए सुशील मांझी नाम के व्यक्ति पर बाघ ने हमला कर मार डाला।
बाघ सिर्फ हमला करने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि वह मांझी को अपने जबड़े में दबाकर घने जंगल में ले गया।
सुंदर वन में किसी व्यक्ति पर बाघ के हमले का यह चौथा मामला सामने आया है।
बेटी जोर से चिल्लाई 'दादा बाघ'
टीओआई में छपी खबर के मुताबिक आंखों के सामने से अपने पिता पर बाघ के हमले को देखने वाले बेटे ने बताया कि वह गुरुवार को सुबह बहन और पिता के साथ उसके गांव से करीब एक किमी दूर पर स्थित एक झील पर मछली पकड़ने गए थे। हालांकि इस क्षेत्र में मछली पकड़ना प्रतिबंधित है।
उन्होंने जैसी ही नाव में बैठकर जाल फेंकना शुरू किया उन्हें कुछ अजीब सी आवाज सुनाई दी तो वह जाल को छोड़ सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे कि तभी उसकी बहन जोर से चिल्लाई 'दादा बाघ'। और इसके बाद जो हुआ वह बेहद दुखद था।
जबड़े में गर्दन दबा घने जंगल में ले गया
ज्योतिष मांझी ने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने बाघ को अपनी ओर आते देखा तो उनका शरीर ठंडा पड़ गया और आवाज निकलना बंद हो गई।
ज्योतिष के अनुसार जब तक उन्हें अपने पिता को बचाने का होश आया तब तक बाघ उन्हें मार चुका था। लेकिन कुछ ही क्षणों में भाई-बहन हिम्मत कर डंडा लेकर बाघ की ओर दौड़े और बाघ को मारने का प्रयास किया लेकिन बाघ ने 'दादा' को नहीं छोड़ा।
इसके बाद बाघ उनके पिता की गर्दन को अपने जबड़े में दबाकर घने जंगल में ले गया।
नहीं मिली पिता लाश
उनके अनुसार बाघ को पिता के साथ जंगल में जाते देख उन्होंने कुछ ही दूर पर मौजूद अन्य लोगों को आवाज दी फिर उनके साथ जंगल में जाकर अपने पिता की तलाश की लेकिन काफी दूर तक ढूंढने के बाद उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा।
मांझी के अनुसार वह खुद को सुरक्षित रखने के लिए जंगल से खाली हाथ वापस आ गए और उन्हें अब बहुत कम ही आशा है कि उनके पिता का शव उन्हें मिलेगा।
इस मामले पर टाइगर रिजर्व फील्ड के डाइरेक्टर सुष्मिता दास गुप्ता का कहना है कि उन्हें इस मामले पर सूचना मिली है कि जहां पर मछली पकड़ना प्रतिबंधित है वहां पर ही बाघ ने हमला किया है।