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महाराष्ट्रः साल भर में तीन हजार किसानों ने की आत्महत्या

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महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं देवेंद्र फडणवीस सरकार की सबसे बड़ी असफलता रही हैं। कांग्रेस के मुताबिक इस साल राज्य में तीन हजार से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करती रही है।
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मंगलवार को केंद्र सरकार ने सूखे से जूझ रहे किसानों को 3100 करोड़ रुपये की राहत राशि मंजूर की है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने इसे ऊंट के मुंह में जीरा करार दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि शिवसेना ने 50 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी। ऐसे में यह माना जा रहा था कि कम से कम 10-15 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिल जाएगा। लेकिन, उम्मीद अधूरी ही रह गई। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि सिर्फ मराठवाड़ा में ही इस साल 1109 किसानों ने खुदकुशी की।
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कांग्रेस ने बोला हमला

पिछले 10 सालों में यह किसान आत्महत्या का सर्वाधिक आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में (27 दिसंबर तक) मराठवाड़ा में 112 किसानों ने खुदकुशी की है।

हर सप्ताह तकरीबन 20 से 30 किसान मौत को गले लगा रहे हैं, लेकिन इससे सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी व सूबे की वरिष्ठ मंत्री पंकजा मुंडे के गृह जिले बीड में सबसे ज्यादा 299 किसानों ने आत्महत्या की जबकि नांदेड में 127 और उस्मानाबाद में 160 किसानों ने खुदकुशी की है।

एक तरह से मराठवाड़ा में विदर्भ से ज्यादा संख्या में किसानों की आत्महत्या का आंकड़ा सामने आया है। ऐसे में केंद्र की ओर से सूखा राहत के नाम पर जारी निधि काफी कम है।
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