भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की सुरक्षा व्यवस्था में एक बार फिर चूक नजर आई। 52 वर्षीय एक व्यक्ति को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह इसरो के काफी संवेदनशील इलाके क्रायोजेनिक इंजन परीक्षण केंद्र के निकट पहुंचने का प्रयास कर रहा था।
जय सिंह नाम का यह शख्स जाली पहचान पत्र के आधार पर अंदर घुसने की फिराक में था। उसके साथ ही दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो परिसर में घुसने में उसकी मदद कर रहे थे। इनमें से एक जय सिंह का दामाद कृष्ण कुमार इसरो में संविदा कर्मचारी है, जिसने उसे जाली पहचान पत्र दिलाया था, जबकि दूसरा इसरो का कांट्रैक्टर दीरावियम है। सिंह ओमान सरकारी परिवहन निगम का कर्मचारी है।
सिंह का कहना है कि वह महज इस केंद्र को देखने आया था, जहां क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण किया जाता है। हालांकि, वह बाहरी लोगों के लिए प्रतिबंधित लिक्विड प्रपल्शन टेस्टिंग इलाके में घुस आया था। तीनों को अतिक्रमण, जालसाजी और सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
उल्लेखनीय है कि चार माह पहले ही एक महिला इसरो के बंगलूरू स्थित मुख्यालय में जाली पहचान पत्र के आधार पर घुस गई थी, जहां उसे पकड़ा गया था।