हाईवे पर जुबिलेंट कट के पास बुधवार सुबह ट्रक की टक्कर से अनियंत्रित हुई कार आगे चल रहे दूसरे ट्रक में जा घुसी। इस भीषण हादसे में कार सवार बिजनौर के दो युवकों और एक बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
जबकि चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। हादसे में कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उधर, घटना की जानकारी पर सीएचसी पहुंचे मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिजनौर के शेरकोट के रहने वाले नईम सऊदी अरब में काम करते हैं। मंगलवार रात वह दिल्ली से सऊदी अरब जा रहे थे।
पीछे से टकराया तेज रफ्तार ट्रक
उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने के लिए उनके भाई गुलफाम (20), जुबैर (24) पुत्रगण इकरार और नईम की आठ साल की बेटी निदा भी गए थे। दिल्ली जाने के लिए गांव के ही तसब्बुर पुत्र सिकंदर की कार बुक कराई गई थी।
बुधवार सुबह दिल्ली से लौटते समय करीब 5:45 बजे चालक जुबिलेंट कट के पास फ्लाईओवर पर कार चढ़ा रहा था। इस कार के आगे एक ट्रक चल रहा था।
कार की रफ्तार धीमी थी, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर से कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी।
दो लोगों की मौके पर ही मौत
भीषण हादसे में कार सवार गुलफाम, जुबैर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल निदा ने कार से निकाले जाने के बाद दम तोड़ दिया। कार चालक तसब्बुर भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसके दोनों हाथ कुचल गए थे।
आनन फानन में निजी अस्पताल में उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। बाद में उसे मेरठ भेज दिया गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर भीड़ लग गई।
उधर, हाईवे पर जाम लग गया, बमुश्किल जाम खुलवाया गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों ट्रकों को कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अंकल मुझे बचा लो ....
हादसे के वक्त बच्ची निदा कार में पीछे सो रही थी। इस बीच उसकी आंख खुल गई, आनन फानन में लोग इकट्ठा हो गए। एक होमगार्ड भी मौके पर पहुंचा था, उसने लोगों की मदद से किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला। होमगार्ड का हाथ पकड़े निदा बोली, अंकल मुझे बचा लो। उसके मुंह से निकले अल्फाज से सभी की आंखें नम हो गईं। निदा घटना के बाद दहशत में थी।
ट्रक की टक्कर लगते ही कार आगे चल रहे ट्रक के नीचे घुस गई। किसी तरह उसे निकाला गया। कार की छत गायब हो चकी थी। दोनों युवक बुरी तरह कुचल गए थे। किसी तरह एंबुलेंस चालकों और पुलिसकर्मियों ने शवों को बाहर निकाला। अंगों को समेटकर पन्नी में रखा गया, जिन्हें बाद में परिजनों के सुपुर्द कर दिया।