कांग्रेस में बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार का दिन भी कांग्रेस के लिए कुछ ऐसा ही रहा। पार्टी को लगातार तीन तगड़े झटके लगे। भाजपा भी मौका भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। गौतमबुद्धनगर से कांग्रेस उम्मीदवार रमेश चंद्र तोमर पार्टी को करारा झटका देते हुए बृहस्पतिवार को भाजपा में शामिल हो गए।
चुनाव से ऐन पहले तोमर के इस कदम ने गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा में कांग्रेस को कहीं का नहीं छोड़ा है। अब पार्टी किसी और उम्मीदवार को भी मैदान में नहीं उतार सकती है क्योंकि यहां नामांकन भरने की अंतिम तारीख निकल चुकी है। यहां 10 अप्रैल को वोट डाले जाने हैं।
तोमर के ऐन वक्त पर भाजपा के पाले में जाने से कांग्रेस के शीर्ष रणनीतिकार हैरान हैं। खास बात यह है कि पार्टी के रणनीतिकारों को मीडिया में खबरें आने के बाद ही पता लगा कि तोमर भाजपा में जाने वाले हैं। अब पार्टी को जवाब देना भारी पड़ रहा है।
नाटकीय ढंग से बने भाजपाई
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि मुझे ठीक से पता नहीं है कि किस उम्मीदवार ने पाला बदला। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव में राजनीतिक अवसरवादियों की कमी नहीं है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दबी जुबान में तोमर के पाला बदलने को रणनीतिक चूक मान रहे हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव मधुसूदन मिस्त्री के गुजरात में वडोदरा से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने से प्रदेश में प्रबंधन का काम पटरी से उतर गया है। उम्मीदवारों पर निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नहीं होने के चलते भी तोमर को पाला बदलने में आसानी हुई।
पार्टी के कई नेता मान रहे हैं कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के प्रकरणों से देशभर में कार्यकर्ताओं के हौसले पस्त होते हैं। बुधवार रात टी.वी. पर फ्लैश चला कि रमेश चंद तोमर भाजपा में शामिल होंगे। आनन-फानन में उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई और इस खबर को बेबुनियाद बताया और सुबह भाजपा कार्यालय पहुंच कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और मोदी की रैली में पहुंच गए। इस तरह 11 घंटे तक चली नाटकीयता का पटाक्षेप हो गया।
केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा के बाद की राजनाथ से मुलाकात
आंध्र प्रदेश के बंटवारे से नाराज चल रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और केंद्रीय कपड़ा मंत्री केएस राव ने अपने पद से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस पार्टी से भी नाता तोड़ लिया। इस्तीफा देने के बाद राव ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद से सियासी गलियारे में उनके जल्द ही भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है।
उन्होंने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे में राव ने कहा है कि सरकार की वजह से आंध्र प्रदेश को अपूरणीय क्षति हुई है। ऐसे में मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ मंत्रिपरिषद का सदस्य नहीं रह सकता। देर शाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
राव के इस्तीफे से खाली हुए कपड़ा मंत्रालय का कार्यभार वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा को सौंप गया है। गौरतलब है कि तेलंगाना के मुद्दे पर सरकार और पार्टी से नाराज चल रहे राव के इस्तीफे की अटकलें पिछले महीने तब ही शुरू हो गई थी, जब केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री डी. पुरनदेश्वरी के कांग्रेस और सरकार से इस्तीफा देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था।
कांग्रेस छोड़ा, शामिल हुए अकाली में
पंजाब के फतेहगढ़ साहेब से कांग्रेस सांसद सुखदेव सिंह लिब्रा ने भी पार्टी छोड़ दी है। वे अकाली दल में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस ने इस बार उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया था। कांग्रेस को पंजाब में भी अपने एक सदस्य के जाने का झटका लगा।
फतेहगढ़ साहिब लोकसभा क्षेत्र से निवर्तमान सांसद सुखदेव सिंह लिब्रा शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए। सुखदेव यहां शिअद मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में अकाली दल में शामिल हुए।
लिब्रा के साथ उनके पुत्र रंधीर सिंह कुक्कू भी अकाली दल में आ गए। सुखदेव 2008 में शिअद छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे। इससे पहले मध्य प्रदेश के भिंड से कांग्रेस उम्मीदवार रहे भागीरथ प्रसाद भी पाला बदलकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। सांसद जगदंबिका पाल, सतपाल महाराज और सोनाराम चौधरी भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं।