पाकिस्तान में अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय की तीन महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब एक महीने पहले की यह घटना पंजाब प्रांत की है।
लाहौर हाईकोर्ट ने कासूर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मामले की जांच कर दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में अक्सर हिंदू, सिख एवं ईसाई अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जाता है।
लाहौर से करीब 50 किमी दूर कासूर जिले के पाटोकी क्षेत्र में एक दबंग मुस्लिम जमींदार के हथियारबंद आदमियों ने इस घटना को अंजाम दिया।
मोहम्मद मुनीर के आदमियों ने एक ही परिवार की तीन महिलाओं को पहले पीटा और बाद में जबरन उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया। घटना जून के पहले सप्ताह की है।
बताते हैं कि स्थानीय जमींदार की सत्तारूढ़ पीएमएल-एन पार्टी में अच्छी खासी पकड़ है। यह मामला तब सामने आया जब एशियाई मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में मीडिया में एक रिलीज जारी की।
पीड़ित परिवार के मुखिया सादिक मसीह ने बताया कि घर के सभी पुरुष काम पर गए थे जब मुनीर और उसके आदमी घर में घुस आए।
पुराने पशु विवाद की बात करते हुआ मुनीर ने मसीह के बेटों के बारे में पूछा। घर में उनके मौजूद न होने पर हथियारबंद दबंगों ने मसीह के तीनों बेटों की पत्नियों को पकड़ लिया।
मुनीर और उसके आदमियों ने पहले महिलाओं को निर्वस्त्र किया और फिर जबरन उन्हें गलियों में घुमाया। महिलाओं द्वारा मदद की गुहार लगाने पर गांव के कुछ बुजुर्ग आगे आए।
उन्होंने अपनी पगड़ी दबंगों के पैर पर रख दी और महिलाओं को छोड़ने का अनुरोध किया। इसके बाद ही दबंगों ने महिलाओं को छोड़ा।
जाते-जाते उन्होंने गांववालों और पीड़ित परिवार के लोगों को चेतावनी भी दी कि मामला पुलिस के पास ले गए तो ठीक नहीं होगा।