हाईकोर्ट का फर्जी आदेश लगाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से वेतन प्राप्त करने वाले फर्जी अध्यापक की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। शिक्षक पर हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू द्वारा जारी फर्जी आदेश लगाने का आरोप है।
जस्टिस काटजू के निर्देश पर ही इस मामले की जांच की गई और शिकायत सही पाए जाने पर कैंट थाने में आरोपी महेंद्र कुमार यादव, उमाशंकर यादव और ओंकारनाथ के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया।
शनिवार को आरोपी उमाशंकर के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके सिंह ने अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी रूद्र कुमार ने बताया कि ओंकारनाथ श्रीवास्तव के पिता महानंद श्रीवास्तव एक इंटर कालेज के प्रधानाध्यापक थे।