गजेंद्र चौहान को पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) का चेयरमैन बनाए जाने के बाद चल रहे बवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इंकार किया है। एक जनहित याचिका दाखिल कर इस मामले में शीर्ष अदालत से दखल देने की गुहार की गई थी।
चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विनीत ढांडा ने कहा कि एफटीआईआई एक प्रतिष्ठित संस्थान है लेकिन पिछले करीब तीन महीने से छात्रों के हड़ताल से यहां सब कुछ ठप है।
बावजूद इसके सरकार समाधान निकालने की कोशिश नहीं कर रही है। याचिका में गुहार की गई थी कि महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश दिया जाए कि जो छात्र क्लास करने को इच्छुक हैं, उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि टीवी एक्टर व भाजपा के सदस्य गजेंद्र चौहान को एफटीआईआई का चेयरमैन बनाने के विरोध में संस्थान में क्लास नहीं हो रहे हैं। छात्र गजेंद्र चौहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।