कोयला घोटाले में फंसी कंपनियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। कोयला ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया में भारी अनियमितता के कारण सुप्रीम कोर्ट पहले ही आवंटन को गैर कानूनी घोषित कर चुका है।
चीफ जस्टिस आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली बेंच ने बिजली उत्पादक कंपनियों की उस याचिका को अस्वीकार कर दिया जिसमें कहा गया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट आवंटन रद्द करने का फैसला करता है तब उनकी बात फिर से सुनी जानी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने नौ सितंबर को इस मामले में तब अपना आदेश सुरक्षित रखा था। जब केंद्र ने इन्हें रद्द करने की वकालत की थी, जबकि आवंटियों ने अनियमितता के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और प्रत्येक आवंटन पर विचार के लिए एक समिति गठित करने की मांग की थी।
कोयला उत्पादक संघ, स्पंज आयरन उत्पादक संघ और भारतीय स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के साथ कुछ निजी निकायों ने सुप्रीम कोर्ट के 25 अगस्त के निर्णय के परिणामों पर विचार के लिए एक समिति के गठन का पक्ष नहीं लेने के सरकार के रुख का विरोध किया था।