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मोदी को सता रही एक बड़ी चिंता, अफसरों से कहा उपाय तलाशो

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आधार के धरातल पर न उतर पाने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चिंतित हैं। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने खुद सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से सभी केंद्रीय योजनाओं में आधार को अनिवार्य बनाने की संभावना तलाशने को कहा है।
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उन्होंने आधार बनाने में सुस्ती बरत रहे जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों को नसीहत देते हुए काम की गति बढ़ाने को कहा है।

दरअसल भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की कवायद में केंद्र सरकार अपनी सभी योजनाओं के लिए आधार को आवश्यक बनाना चाहती है। चार नवंबर को हुई प्रगति समीक्षा बैठक में पीएम के सामने आधार के धरातल की जो तस्वीर उभरी है, वह वाकई चिंताजनक है।
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भारत में रहने वालों को 12 अंक का विशेष पहचान नंबर प्रदान करने के लिए जनवरी 2009 में आधार कार्ड देने की शुरुआत हुई। इसके लिए विशेष प्राधिकरण बनाया गया।

देशवासियों को विशेष पहचान नंबर देने के लिए अगस्त 2015 तक सरकार ने 7,230.58 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं मगर 2011 की जनगणना के महज 75 प्रतिशत लोगों का ही आधार कार्ड बन सका है।
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36 करोड़ लोग अब भी आधार से वंचित

उत्तर भारत में आधार की जमीन पंजाब, हिमाचल और हरियाणा में बेहतर है। पंजाब में 92.4 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 92.4, चंडीगढ़ में 90.5 और हरियाणा में 90.4 प्रतिशत लोगों को आधार नंबर मिल गया है।

वहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की स्थिति चिंताजनक है। उत्तरप्रदेश में 61.4 प्रतिशत, उत्तराखंड में 68.1 और जम्मू-काश्मीर में 45.8 प्रतिशत लोगों को ही आधार नंबर मिल सका है।

पूरे देश की बात करें तो सितंबर महीने तक 91.63 करोड़ लोगों का ही आधार कार्ड बन सका है। लगभग 36 करोड़ लोग अब भी इससे वंचित हैं।

केंद्र की सभी योजनाओं में आधार को आवश्यक बनाने से पहले पीएम मोदी इसे धरातल पर उतारना चाहते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र ने राज्यों से आधार बनाने के मामले में रफ्तार बढ़ाने के साथ जिलावार विशेष प्रचार अभियान चलाने और निगरानी बढ़ाने को कहा है।

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