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शायद इनसे भी मिलना चाहें पीएम मोदी!

Sun, 28 Sep 2014 11:59 AM IST
सलीम रिजवी/न्यूयॉर्क
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अमरीका में भारतीय मूल के लोगों ने अब अपनी काबिलियत का डंका बजा दिया है। अमरीका और भारत के बीच मजबूत होते रिश्तों में अमरीका में बसे भारतीय मूल के लोगों का खासा योगदान रहता है।
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अमरीका दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शायद इनमें से कुछ लोगों से मिलकर उनके अनुभव को जानना चाहें जिससे भारत का फायदा हो सकता है। अमरीका में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं।

इनमें से कई अमरीकी सरकार, आईटी और कॉरपोरेट कंपनियों में बडे़-बडे़ पदों पर तैनात हैं। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डबल्यू बुश के प्रशासन में कई भारतीय मूल के लोग शामिल थे।
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लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने प्रशासन में सबसे अधिक भारतीय मूल के लोगों को उच्च पदों पर नियुक्त किया है। ओबामा ने अब तक 30 भारतीय मूल के लोगों को विभिन्न सरकारी पदों पर नियुक्त किया है।

राजीव शाह और इंदिरा नूई

राजीव शाह
इनमें से राजीव शाह को यूएसएड के प्रमुख के अहम पद पर नियुक्त किया गया जो अब तक किसी भारतीय मूल के अमरीकी के लिए सबसे ऊंचा पद है।

यूएसएड संस्था दुनिया भर में आपदा, कुपोषण और गरीबी से जूझ रहे लोगों को मानवीय आधार पर अमरीकी सहायता पहुंचाती है। इस सरकारी संस्था का बजट 2।5 अरब डॉलर है।

सत्य नडेला
अगर आई टी और तकनीक जगत की बात की जाए तो शायद सबसे मशहूर भारतीय मूल के व्यक्ति हैं माईक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला।

उन्होंने अमरीका की मशहूर कंप्यूटर कंपनी के प्रमुख के तौर पर इस वर्ष फरवरी में ही कार्यभार संभाला है।

सुंदर पिचाई
इसी तरह गूगल एंड्रायड के प्रमुख भारतीय मूल के सुंदर पिचाई हैं। विश्व भर में स्मार्टफोन रखने वालों में से 80 प्रतिशत एंड्रायड फोन ही इस्तेमाल करते हैं।

इंदिरा नूई
कॉरपोरेट जगत का जाना माना नाम हैं पेप्सिको कंपनी की सीईओ भारतीय मूल की इंदिरा नूई।

पेप्सिको विश्व भर में मशहूर ब्रांड होने के साथ-साथ खाने पीने की सामग्री बनाने वाली दूसरी सबसे बडी कंपनी है। उनके कार्यकाल में पेप्सी की आमदनी 72 प्रतिशत बढी है।
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डॉक्टर अनीता गोयल

विज्ञान और मेडिसिन के क्षेत्र में भी भारतीय मूल के कई लोगों ने दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया है। इनमें से एक हैं भारतीय मूल की वैज्ञानिक डॉक्टर अनीता गोयल।

डॉक्टर अनीता गोयल ने नैनो टेक्नोलॉजी और नैनो बायोफिजिक्स के क्षेत्र में महारत हासिल की है। इस क्षेत्र में उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

इनकी कंपनी नैनो बायोसिम ने जीन-रडार नामक एक ऐसा यंत्र बनाया है जो एक लैपटॉप की तरह हर जगह ले जाया जा सकता है और जिससे विभिन्न प्रकार के वायरस का पता लगाया जा सकता है।

डॉक्टर अनीता गोयल को 2005 में अमरीका स्थित एमआईटी की मैगजीन ने तकनीक के क्षेत्र में नए प्रयोग करने वाले विश्व के 35 सबसे बेहतरीन लोगों में शामिल किया था।
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