अरसे से अपने लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थाई सीट की मांग कर रहे भारत को संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी कामयाबी मिली है। संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में सुधार से संबंधित बातचीत के लिए पेश किए गए प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
महासभा के इस कदम से संयुक्त राष्ट्र के 70वें सत्र में सुरक्षा परिषद विस्तार पर चर्चा की राह खुल गई है। अब अगले एक साल तक परिषद में सुधार के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष सैम कुटेसा ने सोमवार को महासभा में सुरक्षा परिषद में सुधार से संबंधित चर्चा पर प्रस्ताव को सदस्यों की मंजूरी के लिए पेश किया।
महासभा में पेश किए गए प्रस्ताव को मिली मंजूरी
बैठक में सदस्य देशों ने सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार से संबंधित प्रस्ताव पर मंगलवार से शुरू हो रहे 70वें सत्र में चर्चा करने के लिए एकसुर में सहमति जता दी।
अच्छा यह रहा कि इसके लिए कोई वोटिंग नहीं करानी पड़ी। इससे पहले कुटेसा को संयुक्त राष्ट्र सदस्यों के बीच प्रस्ताव से संबंधित एक पत्र बांटने में कामयाबी मिली थी।
यह पत्र ही यूएनएससी में सुधार पर अंतर-सरकारी वार्ता के लिए आधार बनेगा। हालांकि, तब रूस, अमेरिका और चीन ने इस प्रस्ताव पर चर्चा करने से इनकार कर दिया था।
मगर, सोमवार को पेश किए गए प्रस्ताव पर कोई भी देश इसके खिलाफ आगे नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, भारत चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र अपने गठन की 70वीं सालगिरह के मौके पर सुरक्षा परिषद में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए।
भारत को है फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन
सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से तीन स्थायी सदस्य रूस, अमेरिका और चीन तो इसके ज्यादा सुधार या विस्तार के पक्ष में नहीं हैं।
अमेरिका और रूस वैसे तो भारत का समर्थन करते रहे हैं, मगर दोनों देशों ने लिखित समर्थन नहीं दिया है। जबकि बाकी दो स्थायी सदस्य फ्रांस और ब्रिटेन ने भारत को परिषद की स्थायी सदस्यता देने का खुलकर समर्थन किया है।
प्रस्ताव से तय होगा सुधार का भविष्य
माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव से ही यूएनएससी के विस्तार और सुधार का भविष्य तय होगा। प्रस्ताव के तहत नए सत्र में 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में किस तरह से स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए और परिषद को कैसे सशक्त बनाया जाए, इस पर चर्चा की जाएगी। प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के साथ ही महासभा ने तय किया है कि सुरक्षा परिषद पर अंतर-सरकारी वार्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।
सुरक्षा परिषद में पांच देशों के पास है वीटो पॉवर
193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद में यूएनएससी में कुल 15 सदस्य होते हैं, जिनमें से पांच स्थाई और 10 अस्थाई सदस्य होते हैं।
पांच स्थाई सदस्य हैं अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन। पी-5 के नाम से चर्चित इन देशों के पास वीटो का इस्तेमाल करने की शक्ति है।
यानी सुरक्षा परिषद के किसी भी प्रस्ताव पर अगर इनमें से किसी एक ने भी वीटो लगाया तो वह प्रस्ताव गिर जाएगा। वहीं बाकी के दस सदस्य देश दो साल की अवधि के लिए चुने जाते हैं।