देवदासी प्रथा को समाप्त करने की गुहार संबंधी याचिका पर समय पर जवाब नहीं देने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की सामाजिक न्यायपीठ ने केंद्र सरकार पर जुर्माना लगाते हुए जवाब देने केलिए एक और मौका दिया है। पीठ ने सरकार को चार हफ्ते के भीतर हलफनामे के जरिए अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने भी पीठ के सामने अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि हलफनामा तैयार किया गया था लेकिन उनके मुताबिक वह संतोषजनक नहीं था। यहीं कारण है कि हलफनामा दायर नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान पिंकी आनंद ने यह भी कहा कि देवदासी प्रथा को जाना है।