सरकार ने आखिरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सूर्य नमस्कार करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। कुछ दलों और मुस्लिम संगठनों की आपत्तियों को देखते हुए केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि अब 21 जून को इस आसन को करने की जरूरत नहीं होगी।
आयुष राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा है कि सूर्य नमस्कार करना सभी के लिए संभव नहीं था। यह एक मुश्किल योग है इसलिए योग दिवस पर इसे नहीं किया जाएगा।
ऐसे में यह साफ हो गया है कि अब योग दिवस को सूर्य नमस्कार के बगैर मनाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सूर्य नमस्कार की वजह से विपक्षी दलों को मुद्दा मिल जाता। उन्होंने कहा कि योग का किसी धर्म से लेना-देना नहीं है। मुस्लिम लोगों को यह देखना चाहिए कि नमाज पढ़ते समय भी वे आसन की मुद्रा में होते हैं।