कहते हैं कि इश्क की आग बुझाए नहीं बुझती और ऐसा ही कुछ कहा जाता है पेट की आग के लिए भी। अब सोचिए जरा कि अगर खाने यानि कि भोजन से ही इश्क हो जाए तो क्या हो।
पेट पुजारी भला किसकी परवाह करते हैं। उन्हें तो खाने से इतनी मोहब्बत होती है कि वो इसके लिए कुछ भी कर सकते हैं। पेट पुजारियों का ना तो कोई धर्म होता है और ना ही कोई जाति।
ये लोग तो बेचारे वो मासूम होते हैं जिनके दिल और दिमाग पर खाने का जुनून इतना हावी होता है कि इसके आगे ना तो उन्हें कुछ दिखाई देता है और ना ही सुनाई देता है।
कहते हैं कि नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम इल सुंग को चावल से इतना प्यार था कि उनके लिए तो चावल अलग से पैदा किया जाता था। माओ त्से तुंग हद दर्जे के मांसाहारी थे तो वहीं हिटलर हद दर्जे के शाकाहारी।
राजाओं की रसोई में क्या पकता था इस पर तो बाकायदा अभी तक टीवी वाले लोग धारावाहिक बनाते हैं। नेट जिओ से लेकर फॉक्स ट्रैवलर तक पर खाने पीने की चीजों के बारे में कार्यक्रम दिखाए जाते हैं।
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुवाहाटी से लेकर अहमदाबाद तक पेट पुजारियों के लिए रसोइया समाज ने चिंता की और हजारों तरह की डिश इजाद कीं। इन्हीं पेट पुजारियों के लिए समर्पित है ये वीडियो जिसे देख कर हर पेट पुजारी गदगद हो जाएगा।
बाकी बातें बाद में पहले देखिए ये वीडियो-
एक दिसंबर को TheViralFeverVideos नाम के यूट्यूब चैनल से इस वीडियो को अपलोड किया गया था। इसे अभी तक 92,465 बार देखा जा चुका है।
अंत में सभी पेट पुजारियों से निवेदन है कि अगर ये खबर आपको पसंद आई हो तो इसे बाकी साथियों के साथ भी शेयर करें।