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इन दिग्गजों की किस्मत हुई ईवीएम में सील

Fri, 18 Apr 2014 07:50 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में 12 राज्यों की 121 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया। पांचवे चरण में करीब 20 सीटें हाई प्रोफाइल मानी जा रही हैं, जिसमें कई दिग्गजों के भाग्य का फैसला मतदाता ने कर दिया। इनमें कई सीटें ऐसी हैं जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।
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गुरुवार को जिन दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई उनमें बीजेपी के शॉटगन शत्रुघ्न सिन्हा, बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा, बीजेपी छोड़कर निर्दलीय किस्मत आजमा रहे जसवंत सिंह, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती, आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए रामकृपाल यादव, कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया, नंदन नीलेकनी, टीएमसी से फुटबाल स्टार बाइचिंग भूटिया प्रमुख हैं।

बिहार में बीजेपी का क्या होगा?

बात करें बिहार की तो यहां पटना साहिब से बीजेपी के शॉटगन यानी शत्रुघ्न सिन्हा की साख दांव पर है। हालांकि उन्हें दूसरे प्रत्याशियों से ज्यादा खतरा नजर नहीं आ रहा, लेकिन उन्हें अपने सहयोगियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

दूसरी ओर इससे सटे हुए पाटलिपुत्र संसदीय सीट को देखें तो यहां लालू प्रसाद यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है क्योंकि यहां से उनकी बेटी मीसा भारती चुनाव लड़ रही हैं। मीसा का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल छोड़कर बीजेपी में गए लालू यादव के पुराने विश्वासपात्र रामकृपाल यादव से है। रामकृपाल यादव का दावा है कि वो लालू यादव अपनी बेटी को यहां से जिता नहीं पाएंगे। वहीं मीसा अपने पिता के नाम और विकास पर वोट मांग रही हैं।

झारखंड के हजारीबाग से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा की किस्मत दांव पर लगी है। जयंत सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस के ही युवा नेता सौरभ नारायण सिंह से है।

निलेकणी और अनंत कुमार में कौन?

कांग्रेस उम्मीदवारों की बात करें तो कर्नाटक के बंगलुरु दक्षिण से पार्टी के सबसे धनी उम्मीदवार नंदन निलेकनी के किस्मत का फैसला किया जा रहा है। यहां बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर है।

एक तरफ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे कॉरपोरेट जगत के दिग्गज और इन्फोसिस के सह संस्थापक रहे नंदन नीलेकनी हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी की ओर से वरिष्ठ नेता अनन्त कुमार मैदान में हैं।

वहीं आम आदमी पार्टी ने इस सीट से बाल विकास कार्यकर्ता नीना नायक को उतार कर मुकाबला रोचक बना दिया है।

बीजेपी या फिर जसवंत सिंह

राजस्थान के बाड़मेर से भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित हो चुके बुजुर्ग नेता जसवंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी के ही उम्मीदवार को चुनौती दे रहे हैं। बीजेपी ने यहां से सोनाराम चौधरी को उतारा है।

कहा जा रहा है कि जसवंत ने निर्दलीय के तौर पर परचा भर कर यहां वसुंधरा को सीधी चुनौती दे दी है। अब देखना होगा कि बाड़मेर के मतदाता तय करेंगे कि वो भाजपा के साथ हैं या जसवंत के साथ।

हाईप्रोफाइल उम्मीदवारों में जयपुर ग्रामीण की सीट भी शामिल है। जहां से बीजेपी के टिकट पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर भाग्य आजमा रहे हैं। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी से है।
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सिंधिया की प्रतिष्ठा भी दांव पर

मध्य प्रदेश में देखें तो यहां सबसे दिलचस्प मुकाबला गुना-शिवपुरी सीट पर है। जहां से कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में हैं। सिंधिया का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के जयभान सिंह पवैया से है। यह सीट सिंधिया परिवार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जाती है।

पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग सीट पर भी सबकी निगाहें हैं। यहां से तृणमूल कांग्रेस ने स्टार फुटबालर बाइचिंग भूटिया को उतारा है। यहां उनके मुख्य प्रतिद्वंदी बीजेपी के वरिष्ठ नेता एसएस अहलूवालिया हैं। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि बाइचुंग भूटिया जनता के दिलों में कितनी जगह बनाने में सफल होते हैं।
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