सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने मुख्य न्यायाधीश से अवकाश के दिन न्यायाधीशों का सम्मेलन बुलाने पर विरोध जताया है। गुड फ्राइडे के दिन सम्मेलन शुरू होने पर न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने अपने पत्र में कहा है कि यह दिन धार्मिक कार्यक्रमों और परिवार से मिलने जुलने का होता है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रश्न न्यायाधीश को खुद से पूछना चाहिए कि संस्थागत हित ज्यादा जरूरी होता है कि व्यक्तिगत हित।
शुक्रवार को शुरू हुआ तीन दिवसीय यह सम्मेलन रविवार तक चलेगा। सम्मेलन में 24 उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश भाग ले रहे हैं। न्यायमूर्ति जोसेफ ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें गहरी पीड़ा के साथ यह कहना पड़ रहा है कि पवित्र और अवकाश के दिनों में हम आध्यात्मिक कार्य और परिवार के लोगों से मिलने जुलने में व्यस्त होते हैं, ऐसे समय कांफ्रेंस नहीं होने चाहिए।